प्रथा जब कुप्रथा बन जाए तो उसे खत्म कर देना चाहिए. दुनिया कहां से कहां पहुंच गई लेकिन कुछ लोग अभी भी कौमार्य पर ही अटके हैं. ऐसा ही एक समुदाय है कंजरभाट. ऐसे करते हैं कौमार्य की जांच...
शादी के बाद नए जोड़े को एक होटल के कमरे में ले जाकर दूल्हे को एक सफेद बेडशीट दी जाती है. उसे इसका इस्तेमाल संबंध बनाने के दौरान करने को कहा जाता है. हैरानी की बात है कि जाति पंचायत के लोग कमरे के बाहर ही बैठे रहते हैं.
दुल्हन को कमरे में जाने से पहले गहने और सभी नुकीली चीजें उतारनी पड़ती हैं. जिससे शरीर के किसी और हिस्से में कोई नुकीली चीज चुभोकर खून की बूंदें चद्दर पर ना लगाई जा सकें.
अगर दूल्हा खून का धब्बा लगी चादर लेकर कमरे से बाहर आता है तो दुल्हन टेस्ट पास कर लेती है. लेकिन अगर खून नहीं आता तो पंचायत सदस्य दुल्हन के किसी और के साथ अतीत में रिलेशनशिप होने का आरोपी ठहरा देते हैं.
इतना ही नहीं, इसके बाद दुल्हन को जाति पंचायत के कानूनों के तहत सजा भी दी जाती है.
ऐसे मामले भी देखे गए हैं, जिसमें अगर दुल्हन वर्जिनिटी टेस्ट पास नहीं कर पाती, तो उसे न सिर्फ प्रताड़ित किया जाता है बल्कि बुरी तरह से मारा-पीटा भी जाता है.
इस कुप्रथा में सिर्फ लड़की के वर्जिन होने का प्रमाण मांगा जाता है दूल्हे का कोई भी टेस्ट नहीं कराया जाता.
समुदाय की महिलाएं और कई नौजवान इस प्रथा के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं.
समुदाय के युवाओं ने 'स्टॉप द V रिचुअल' नाम से एक मुहिम चलाई है. जिसमें V का मतलब वर्जिनिटी से है.
इस मुहिम का समर्थन करने वाले एक युवक की हाल ही में इस समुदाय के लोगों ने जमकर पिटाई कर दी थी. (सभी तस्वीरों का प्रयोग प्रतीक के तौर पर किया गया है)