आज के समाज में एक ऐसी दौड़ चल रही है जिसमें हर किसी को चाहे-अनचाहे दौड़ना ही पड़ रहा है. इस अंधी दौड़ के परिणामस्वरूप लोगों के व्यक्तिगत जीवन में रोग-शोक, चिन्ता, दुर्वासनायें पारिवारिक जीवन में क्रोध, असंतोष और संताप एवं सामाजिक जीवन में अशांति का वातावरण छा गया है. लोग मस्तिष्क तनाव और चिन्ताओं के बोझ से दबे हैं. यहां तक कि लोग प्रेम जैसी मूलभूत जरूरतों को लेकर भी असमंजस्य में रहते हैं. मनोवैज्ञानिक सिग्मन फ्रायड ने प्रेम संबंधों पर 7 महत्वपूर्ण बातें कही हैं जो पढ़ी जानी चाहिए...
सेक्शुअलिटी कमजोरी भी है और ताकत भी:
शारीरिक संबंध हर इंसान की मूलभूत आवश्यकता है. कोई भी इससे अछूता नहीं है सबको संबंध बनाने की तीव्र चाह होती है.
शरीर का हर अंग है इरोटिक:
फ्रायड का मानना था कि मानव शुरुआत से ही सेक्शुअल है. उनके मुताबिक मनुष्य के शरीर का हर अंग आनंद देता है लेकिन लोग केवल प्रजनन अंगों और होठों जैसे कुछ एक अंगों तक सीमित रह जाते हैं. हालांकि उनके इस तर्क का कई लोग विरोध भी करते रहे हैं.
समलैंगिक होना कोई बीमारी नहीं है:
फ्रायड का मानना था कि शिष्टाचार की
वजह से ही समलैंगिकता को बुरा माना जाता है जबकि इसका कोई आधार नहीं है.
उन्होंने साल 1930 में समलैंगिकता के खिलाफ बने कानून को हटाने का समर्थन
किया था.
हर कपल के मन में आते हैं विरोधी विचार:
कहा जाता है कि जिस इंसान से आप प्यार करते हैं उसे छोड़ने का ख्याल भी आता है भले ही आप कितने ही प्यार में क्यों ना हों. ये ख्याल दोनों को आता है. हालांकि इसे फ्रायड ने बिल्कुल सामान्य मानवीय व्यवहार बताया.
अपने पैरेंट्स से सीखते हैं प्यार:
हम जब किसी को प्यार करते हैं तो अपने परिवेश के हिसाब से रिएक्ट करते हैं. जैसा प्यार हमें अपने माता-पिता और आस पड़ोस से मिलता है उसी तरह का प्यार हम दूसरों को देते हैं. इसके अलावा अपने पार्टनर में हम अपने किसी करीबी की ही छवि खोजते हैं.
हम जिससे प्रेम करते हैं वह हमारे जीवन का हिस्सा बन जाता है. हमने अक्सर सुना है कि प्यार में पार्टनर्स को एक दूसरे की आदत हो जाती है. यह सच है. फ्रायड के मुताबिक पार्टनर का व्यवहार, समझ और सोचने के हिसाब से आपका दिमाग भी खुद को तैयार कर लेता है और आप दोनों एक दूसरे के और करीब महसूस करने लगते हैं.
फैंटसी का कितना महत्व? फ्रायड के मुताबिक सेक्शुअल एक्साइटमेंट तीन तरीके से व्यक्ति को महसूस होती है. बाहरी, आंतरिक और मानसिक. संबंध के दौरान भरपूर आनंद के लिए तीनों तरह से एक्साइटमेंट आना जरूरी है. हर व्यक्ति की फैंटसी अलग-अलग हो सकती है. वैलेंटाइन के दिन संबंध बनाना एक ऐसी ही फैंटसी है.