आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार, कुछ फूड कॉम्बिनेशन हमारी सेहत के लिए खतरनाक माने जाते हैं. कुछ चीजों को अगर दूसरी चीजों के साथ खाया जाए तो इससे आपका पाचन बिगड़ सकता है और आपके शरीर में टॉक्सिन्स बन सकते हैं. लंबे समय तक इन फूड कॉम्बिनेशन को खाने से शरीर में असंतुलन हो सकता है और गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है. तो आइए जानते हैं इन फूड कॉम्बिनेशन के बारे में-
दूध और फल- स्मूदी वगैरह में फलों के साथ ही दूध को भी मिक्स किया जाता है. हालांकि आयुर्वेद में इस कॉम्बिनेशन को खराब माना जाता है. क्योंकि, दूध ठंडा और भारी होता है, जबकि फल मीठे और थोड़े खट्टे (यानी अम्लीय) होते हैं. यह कॉम्बिनेशन आपके पाचन को धीमा कर सकता है. साथ में, वे शरीर की पाचन अग्नि (अग्नि) को परेशान करते हैं, जिससे शरीर में इंफ्लेमेशन और विषाक्त पदार्थों का निर्माण होता है. लंबे समय तक इस फूड कॉम्बिनेशन से स्किन से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
शहद के साथ गर्म पानी या दूध- वैसे तो शहद, गर्म पानी या दूध को अलग-अलग पीना अच्छा होता है, लेकिन आयुर्वेद में शहद को गर्म पानी या गर्म दूध के साथ मिलाना बिलकुल भी उचित नहीं है. इसका कारण यह है कि आयुर्वेद के अनुसार जब शहद को पकाया जाता है या उसका तापमान बढ़ जाता है, तो वह जहर बन जाता है.
घी और शहद- आयुर्वेद में घी और शहद दोनों को दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन जब इन्हें आपस में मिलाया जाता है तो टॉक्सिक रिएक्शन होता है. शहद की तासीर गर्म होती है जबकि घी की तासीर ठंडी होती है. इन दोनों को साथ में खाने से पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
दूध के साथ चिकन और मछली- दूध, चिकन और मछली सभी पौष्टिक चीजें मानी जाती हैं. लेकिन इन्हें एक साथ नहीं खाना चाहिए. इसका कारण यह है कि दूध की प्रकृति ठंडी होती है, जबकि चिकन और मछली नमकीन और गर्म होती है. और इसलिए, जब इन्हें एक साथ खाया जाता है तो यह पाचन को डिस्टर्ब कर सकता है और शरीर में विषाक्त पदार्थ पैदा कर सकता है. आयुर्वेद के अनुसार, समय के साथ ये कॉम्बिनेशन एक्जिमा या सोरायसिस जैसी स्किन डिजीज का कारण बन सकता है.