हार्ट अटैक की समस्या दुनिया भर में काफी ज्यादा बढ़ चुकी है. हार्ट अटैक की समस्या का सामना पुरुषों और महिलाओं दोनों को ही समान रूप से करना पड़ता है. ऐसी कई चीजें हैं जिससे आप हार्ट अटैक के खतरे को कम कर सकते हैं जिसमें शामिल है हेल्दी लाइफस्टाइल, डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज. बहुत सी चीजें ऐसी भी हैं जो हार्ट अटैक के खतरे को काफी ज्यादा बढ़ा सकती हैं जिसमें पेरियोडोंटाइटिस भी शामिल है. पेरियोडोंटाइटिस मसूड़ों से जुड़ी एक समस्या है. पेरियोडोंटाइटिस काफी आम स्थिति है. पेरियोडोंटाइटिस होने पर मसूड़ों से खून निकलना, सूजन आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा पेरियोडोंटाइटिस के कारण स्ट्रोक, हार्ट अटैक, औक कार्डियोवस्कुलर डिजीज का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है.
क्या होता है पेरियोडोंटाइटिस?
पेरियोडोंटाइटिस को गम डिजीज भी कहा जाता है. यह मसूड़ों में होने वाला एक खतरनाक इंफेक्शन है जो मसूड़ों के शॉफ्ट टिशू को डैमेज करता है और समय पर इलाज ना होने पर दांतों को सपोर्ट करने वाली हड्डी को बर्बाद कर सकता है. पेरियोडोंटाइटिस होने पर दांत काफी ढीले हो जाते हैं और टूटने भी लगते हैं. पेरियोडोंटाइटिस एक आम समस्या है लेकिन इसे रोका भी जा सकता है. पेरियोडोंटाइटिस की समस्या होने का एक बड़ा कारण खराब ओरल हेल्थ है. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि आप दिन में दो बार ब्रश करें, अपनी जीभ को साफ करें और रेगुलर दांतों की जांच कराएं.
मसूड़ों की समस्या और हार्ट डिजीज के बीच संबंध
उत्तर प्रदेश के जाने माने सीनियर फिजिशियन कंसल्टेंट डॉ. कलीम अहमद, एमडी मेडिसिन ने बताया कि, हमारे मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. अगर आप ओरल हाइजीन का ख्याल नहीं रखते तो ये बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं और आपके शरीर पर बुरा असर डालना शुरू कर देते हैं. मुंह में स्ट्रेप्टोकॉकस नाम का एक बैक्टीरिया होता है जो हार्ट के वॉल्व पर असर डालता है. इसके चलते हार्ट अटैक और स्ट्रोक की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. डॉ. कलीम ने ये भी बताया कि ओरल हाइजीन के कारण हार्ट हेल्थ पर इसका प्रभाव पड़ता है अगर आप ओरल हाइजीन का सही तरीके से ख्याल नहीं रखते तो इससे आपका वॉल्व खराब हो सकता है और आपको हार्ट फेलियर की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है.
हार्ट डिजीज से बचने से लिए ओरल हेल्थ का कैसे रखें ख्याल
डॉ. कलीम अहमद ने बताया कि, ओरल हेल्थ का ख्याल रखने के लिए जरूरी है कि आप रोजाना खाना खाने के बाद ब्रश करें और इसके साथ ही किसी भी एंटिसेप्टिक से गरारे करें. इसके साथ ही जरूरी है कि आप तंबाकू और खैनी का सेवन बिल्कुल भी ना करें. खाना खाने के बाद गर्म पानी से कुल्ला करें. डॉ. कलीम ने बताया कि अगर आप खाना खाने के बाद मुंह की अच्छी तरह से सफाई नहीं करते तो बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं और आपकी हेल्थ को प्रभावित करना शुरू कर देते हैं.
किस तरह करें हार्ट अटैक के खतरे को कम
एक हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि अधिकतर लोग पीरियोडोंटाइटिस की समस्या को काफी हल्के में ले लेते हैं और अपना ख्याल नहीं रखते , लेकिन इस समस्या से छुटाकारा पाने के लिए जरूरी है कि आप स्मोकिंग ना करें और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें ताकि मसूड़ों में होने वाली सूजन को कम किया जा सके और ब्लड का फ्लो सही से हो पाए ताकि आपकी ओरल और ओवरऑल हेल्थ में सुधार हो सके.
लोगों को पता होनी चाहिए हार्ट डिजीज से जुड़ी ये बातें
एक्सपर्ट ने बताया कि हमारी ओवरऑल हेल्थ के लिए हार्ट हेल्थ काफी महत्वपूर्ण होती है. आप कुछ अच्छी आदतों को अपनाकर कार्डियोवस्कुलर डिजीज जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम कर सकते हैं. अधिकतर मामलों में हार्ट डिजीज अपने आप होती है और इसके लिए जीन्स जिम्मेदार होते हैं लेकिन फिर भी आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. हार्ट डिजीज का एक मुख्य कारण किसी भी व्यक्ति की गलत लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटी का ना करना है. हार्ट डिजीज के खतरे पर काबू पाने के लिए जरूरी है कि आप हेल्दी आदतों को अपनाएं और आप क्या खा रहे हैं इस बात का खास ख्याल रखें.
हार्ट डिजीज के संकेतों को इग्नोर करना क्यों हो सकता है खतरनाक
एक्सपर्ट का कहना है कि हार्ट डिजीज से संबंधित संकेतों को इग्नोर करना काफी खतरनाक साबित हो सकता है. इसके कारण आपको कभी भी साइलेंट हार्ट अटैक आ सकता है. अक्सर लोग डॉक्टर के पास ना जाने के चलते हार्ट अटैक के छोटे-छोटे संकेतों को इग्नोर कर देते हैं जिसमें से एक सीने में होने वाला दर्द है.