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Weak Bones: ये 5 संकेत बताते हैं बहुत कमजोर हो गई हैं आपकी हड्डियां, तुरंत करें ये काम

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हड्डियों का मजबूत होना काफी जरूरी होता है लेकिन आजकल की बिजी लाइफस्टाइल में लोगों के बार इतना समय ही नहीं है कि हड्डियों का ख्याल रखा जाए जिससे कम उम्र में ही लोगों को कमजोर हड्डियों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. हड्डियों के कमजोर होने पर इसके कुछ संकेत दिखने शुरू हो जाते हैं, आइए जानते हैं इन संकेतों के बारे में.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Getty Images) प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Getty Images)

उम्र बढ़ने के साथ ही हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. लेकिन आजकल के समय में हड्डियां कमजोर होने का कारण सिर्फ उम्र का बढ़ना नहीं हैं बल्कि आपकी लाइफस्टाइल कैसी है, यह भी काफी मायने रखता है. पहले सिर्फ बूढ़े लोगों को ही हड्डियां कमजोर होने की समस्या का सामना करना पड़ता था लेकिन अब नौजवानों को भी इस समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है. तो अगर आप भी कमजोर हड्डियों को बूढ़ापे की समस्या मानते हैं तो आप गलत सोचते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आपको आसानी से पता लग जाएगा  कि आपकी हड्डियां कमजोर होनी शुरू हो गई हैं. आइए जानते हैं इन संकेतों के बारे में - 

कमर के निचले हिस्से में दर्द- एक्सपर्ट्स का मानना है कि हड्डियां कमजोर होने का एक सबसे कॉमन संकेत कमर में दर्द है. अक्सर देखा जाता है कि हल्के काम करने के बावजूद भी लोगों की कमर में आसानी से फ्रैक्चर आ जाता है. ये हड्डियां कमजोर होने का ही एक संकेत होता है. 

हाइट कम होना- उम्र के साथ-साथ हाइट का कम होना काफी आम है. लेकिन ऑस्टियोपोरोसिस होने पर आपकी हाइट काफी ज्यादा कम होने लगती है. बहुत से लोगों का मानना है कि हाइट का कम होना नॉर्मल होता है लेकिन आपको बता दें कि आधा इंच तक हाइट का कम होना नॉर्मल माना जाता है लेकिन अगर आपकी हाइट 2, 3 या 4 इंच तक कम होती है तो इसे नॉर्मल समझने की गलती नहीं करनी चाहिए. 

बोन फ्रैक्चर- हड्डियां कमजोर होने  पर वह आसानी से टूट जाती है. लगभग 50 फीसदी महिलाओं और 25 फीसदी पुरुषों को अपने जीवनकाल में एक ना एक बार ऑस्टियोपोरोसिस संबंधित फ्रैक्चर की समस्या का सामना करना पड़ता है. इस दौरान आपको कलाई, कमर, हिप्स या हड्डियों में फ्रैक्चर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. 

अर्ली मेनोपॉज- लो बोन डेंसिटी के चलते मेनोपॉज की शुरुआत जल्दी हो सकती है. जब आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में एस्ट्रोजन नहीं बनता तो हड्डियों का निर्माण होने की बजाय वह काफी तेजी से टूटने लगती हैं. ऐसे में अगर आपके मेनोपॉज की शुरुआत भी जल्दी हो गई है तो जरूरी है कि आप तुंरत अपने बोन्स का चेकअप करवाएं. मेनोपॉज की शुरुआत में बोन डेंसिटी टेस्ट करवाना काफी सही रहता है इससे आपको आगे चलकर हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता. 

खड़े होने में दिक्कत- अगर आपको खड़े होने के लिए सहारे की जरूरत पड़ती है तो इसका मतलब है कि आपकी हड्डियां कमजोर होनी शुरू हो गई हैं. हमारी हड्डियां और मसल्स एक यूनिट की तरह काम करते हैं. जब आपके पैरों के मसल्स कमजोर होने लगते हैं तो आपको खड़े होने में दिक्कत होती है और आसानी से फ्रैक्टर हो सकता है. 

लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने से कमजोर हड्डियों की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. आइए जानते हैं इनके बारे में- 

कैल्शियम की अधिक मात्रा लें- हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के लिए जरूरी है कि डॉक्टर से बात करके रोजाना कैल्शियम की सही मात्रा का सेवन करें. ऐसी चीजों का सेवन करें जिनमें कैल्शियम की मात्रा ज्यादा हो. आप कैल्शियम सप्लीमेंट्स का भी सेवन कर सकते हैं. लेकिन इन्हें लेने से पहले डॉक्टर से बात जरूर कर लें. 

भरपूर मात्रा में लें विटामिन D- यह विटामिन कैल्शियम को अब्जॉर्ब करने में आपके शरीर की मदद करता है.  धूप में विटामिन डी पाया जाता है ऐसे में कुछ देर धूप में जरूर खड़े हों. आप विटामिन डी सप्लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं. 

एक्सरसाइज- हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के लिए रोजाना 15 से 30 मिनट तक एक्सरसाइज करें. आप चाहे तो वॉकिंग, जॉगिंग, योग, और एरोबिक्स भी कर सकते गैँ. ये सभी एक्सरसाइज मसल्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होती हैं. 

सही चीजें खाएं- इस बात का ख्याल रखें कि अपनी डाइट में फ्रेश फ्रूट्स और सब्जियों , डेयरी प्रोडक्ट्स, सैल्मन, अंडे, बादाम, दालों आदि चीजों को शामिल करें.


 

 

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