Liver Health: लिवर हमारे शरीर के इंजन की तरह काम करता है. इसके ऊपर पूरे शरीर को चलाने की जिम्मेदारी होती है. यह खून को साफ रखता है और हमें ताकत देता है. जब यह बीमार पड़ता है तो हमारी आंखें सबसे पहले गवाही देती हैं.
अगर आंखों में होने वाले बदलावों को समय पर पहचान लिया जाए तो बड़े खतरे से बचा जा सकता है. वहीं, इन संकेतों को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है क्योंकि लिवर की बीमारी बढ़ने पर शरीर के बाकी अंग भी काम करना बंद कर सकते हैं और समय पर इलाज ना मिलने से मरीज की जान पर बन सकती है.
लिवर खराब होने पर आंखों में क्या बदलाव आते हैं?
पीलिया (Jaundice)
यह सबसे आम लक्षण है. त्वचा के साथ-साथ आंखों का सफेद हिस्सा (Sclera) भी पीला दिखने लगता है जो खून में बिलीरुबिन (एक पीला पिगमेंट) के ज्यादा बढ़ने के कारण होता है. जब हमारा लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता तो शरीर में एक पीला पदार्थ बढ़ने लगता है जिसे बिलरुबिन कहते हैं. स्वस्थ लिवर इसे शरीर से बाहर निकाल देता है लेकिन बीमार लिवर ऐसा नहीं कर पाता. इसकी वजह से आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगता है. इसे हम अक्सर पीलिया कहते हैं. यह इस बात का सीधा संकेत है कि लिवर संकट में है.
आंखों के नीचे सूजन और काले घेरे
लिवर ठीक से काम न करने पर शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं जिससे आंखों के नीचे की नाजुक त्वचा सूज जाती है और काले घेरे बन जाते हैं.
आंखों में लालिमा और जलन
लिवर से टॉक्सिन्स बाहर न निकल पाने के कारण आंखों में लगातार लालिमा और जलन महसूस हो सकती है जिसे आपको भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
जैंथेलास्मा (Xanthelasma)
पलकों या आंखों के आसपास पीले रंग के छोटे उभार बन सकते हैं जो अक्सर बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का संकेत होते हैं और लिवर की बीमारी से जुड़े हो सकते हैं.
धुंधला या कमजोर दिखना
लिवर की खराबी से शरीर में जरूरी विटामिन (जैसे A, D, E, K) का अवशोषण प्रभावित होता है जिससे नजर धुंधली हो सकती है और रात में देखने (Night Vision) में दिक्कत आ सकती है.