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Sanitizer Side Effects: बीमार कर सकता है सैनिटाइजर का ओवरयूज, ये हैं 8 बड़े साइड इफेक्ट

सैनिटाइजर के 8 बड़े साइड इफेक्ट
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कोरोना वायरस (Corona virus) से जंग में सैनिटाइजर को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं जानलेवा वायरस का खतरा कम करने वाले सैनिटाइजर के भी कई साइड इफेक्ट (Sanitizer Side Effects) होते हैं. इसका रेगुलर इस्तेमाल न सिर्फ हमारी स्किन, बल्कि कई शारीरिक अंगों के लिए खतरनाक हो सकता है. इसलिए डॉक्टर्स सैनिटाइजर की जगह साबुन का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. आइए आपको बताते हैं कि सैनिटाइजर कैसे हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

Photo: Getty Images

डर्माटाइटिस या एग्जेमा
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डर्माटाइटिस या एग्जेमा- सीडीसी के मुताबिक, साबुन से 20 सेकेंड हाथ धोकर आप कोरोना वायरस के इंफेक्शन से बच सकते हैं. इमरजेंसी में आप एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन इसके रेगुलर इस्तेमाल से डर्माटाइटिस या एग्जेमा यानी त्वचा में खुजली की समस्या बढ़ सकती है. डर्माटाइटिस या एग्जेमा के कारण स्किन में रेडनेस, रूखापन और क्रैक की परेशानी बढ़ जाती है.

फर्टिलिटी
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फर्टिलिटी- यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया के डॉक्टर क्रिस नॉरिस कहते हैं कि कुछ सैनिटाइजर अल्कोहल युक्त होते हैं. इसमें मौजूद एथिल अल्कोहल एंटीसेप्टिक के रूप में कार्य करता है. जबकि कुछ नॉन एल्कोहॉलिक सैनिटाइजर भी होते हैं. नॉन एल्कोहॉलिक सैनिटाइजर में ट्राइक्लोसन या ट्राइक्लोकार्बन जैसे एंटीबायोटिक कंपाउंड का इस्तेमाल होता है. बहुत सी स्टडी में ये बात साबित हो चुकी है कि ट्राइक्लोसन का फर्टिलिटी पर बहुत बुरा असर पड़ता है.

हार्मोन पर बुरा असर
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हार्मोन पर बुरा असर- FDA के मुताबिक, नॉन एल्कोहॉलिक सैनिटाइजर में मौजूद ट्राइक्लोसन हार्मोन से जुड़ी समस्या के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है. शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ना किसी भी गंभीर समस्या को ट्रिगर कर सकता है.

Photo: Getty Images

मेथानॉल से नुकसान
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मेथानॉल से नुकसान- कुछ सैनिटाइजर में मेथनॉल नाम का जहरीला कैमिकल भी पाया जाता है जो मतली, उल्टी, चक्कर, अनिद्रा, धुंधली दृष्टि या अंधेपन जैसे कई खतरनाक दुष्प्रभावों का खतरा बढ़ा सकता है. इतना ही नहीं, यह आपकी तंत्रिका तंत्र को बेहद नुकसान पहुंचाता है. इससे किसी की जान भी जा सकती है.

इम्यून सिस्टम
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इम्यून सिस्टम पर बुरा असर- ट्राइक्लोसन इंसान को बीमारियों से बचाने वाले इम्यून सिस्टम के फंक्शन के लिए भी अच्छा नहीं होता है. कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण बीमारियों के चपेट में आने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं.

शरीर के विकास में बाधा
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शरीर के विकास में बाधा- हैंड सैनिटाइजर को ज्यादा खुशबूदार बनाने के लिए इसमें प्थालेट्स और पैराबेंस जैसे जहरीले कैमिकल्स का भी इस्तेमाल किया जाता है. प्थालेट्स एंडोक्रिन डिसरप्टर्स होते हैं जो इंसान के विकास और रीप्रोडक्शन प्रक्रिया को बाधित करते हैं. जबकि पैराबेन्स हमारे हार्मोन, फर्टिलिटी और रीप्रोडक्टिव डेवलपमेंट के लिए नुकसानदायी होता है.

एल्कोहल पॉइजनिंग
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एल्कोहल पॉइजनिंग- सैनिटाइजर को ज्यादा असरदार बनाने के लिए इसमें एल्कोहल की मात्रा बढ़ाई जाती है. लेकिन दुनियाभर में ऐसे केई मामले सामने आ चुके हैं जहां सैनिटाइजर की वजह से टीनेजर्स एल्कोहल पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं. एल्कोहल पॉइजनिंग के बाद इन्हें अस्पताल में दाखिल करना पड़ा था.

स्किन से जुड़ी समस्याएं
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स्किन से जुड़ी समस्याएं- हैंड सैनिटाइजर एक एंटीसेप्टिक प्रोडक्ट है. स्किन को किटाणुओं से बचाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. एथिल या आइसोप्रोपिल अल्कोहल जैसे तत्वों की मदद से इसे तैयार किया जाता है. शायद आपको मालूम नहीं कि इसके लगातार उपयोग से स्किन में जलन ड्रायनेस की समस्या बढ़ सकती है. यदि आपकी त्वचा बेहद संवेदनशील है तो इसे लेकर आपको काफी सतर्क रहने की जरूरत है.

Photo: Getty Images