आतंकी हमले का ये पहला मामला था, जिसमें आतंकियों को एक दूसरे मुल्क में बैठे उनके आका लाइव कमांड दे रहे थे. कमांड पाकिस्तान से मिल रहा था और ऑपरेशन मुंबई में चल रहा था. मुंबई हमले के दौरान आतंकियों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी ताज को बर्बाद करने में थी.