scorecardresearch
 
Advertisement

...हां मै खास आपसे कुछ कहने आई हूं

...हां मै खास आपसे कुछ कहने आई हूं

जी मैं वही हूं, वही, जिसे ना जाने किस-किस नाम से आपने पुकारा है. आज एक बार फिर आपसे रूबरू हूं. हालांकि मेरा नाम छोड़िये अब मैं भी खुद को ना जाने कितने नामों से जानने लगी हूं. क्या करूं, देश क्या..विदेशी भी कई नाम से पुकारने लगे हैं मुझे...तो चलिये मैं अनाम ही सही. वैसे तो कोई जरूरत नहीं थी कि मैं फिर आपसे रूबरू होती. लेकिन इस महिला दिवस के बहाने आपने इतना याद किया कि मुझे शुक्रिया तो अदा करना ही चाहिये था.

Advertisement
Advertisement