मैदान से पहाड़ तक हिंदुस्तान मानो धूलिस्तान बन चुका है. हर तरफ धूल का पहरा है. पहले मैदानी इलाकों में ही धूल की आफत थी लेकिन अब पहाड़ भी धूल के आगे पनाह मांग रहे हैं.