दिल्ली में हिंसा के बीच शाहीन बाग पर सुनवाई टल गई. सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा हालात का हवाला देकर सुनवाई होली की छुट्टी के बाद तक टाल दिया. कोर्ट ने कहा कि पुलिस को अपना काम करना चाहिए. कभी-कभी आउट ऑफ द बॉक्स जा कर काम करना पड़ता है. हमने काम करने से कभी नहीं रोका. कोर्ट ने दिल्ली की हिंसा पर भी सख्त टिप्पणी कर पुलिस को घेरा. जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा - जिस पल भड़काऊ बयान दिया गया, उसी पल पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी. पुलिस को कानून के अनुसार काम करना चाहिए. दिक्कत पुलिस की प्रोफेशनलिज्म में कमी की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- देखिए अमेरिका और ब्रिटेन की पुलिस कैसे काम करती है. दिल्ली की हालात का जिक्र करते हुए कार्ट ने कहा कि दिल्ली में इतनी जिंदगियों का जाना कम नहीं है. कोर्ट ने शाहीन बाग के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों को भी संदेश दिया कि - सड़क प्रदर्शन की जगह नहीं है. शाहीन बाग पर अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी.
The Supreme Court on Wednesday pulled up the Delhi Police over their handling of the ongoing clashes in the capital while deferring to March 23 hearing on a plea to shift the Shaheen Bagh protesters. Justice KM Joseph while hearing the petition lamented the lack of professionalism in the police force saying it was a malaise across the country that police waited for orders before acting.