चीन की सेना ने पहली बार पिछले साल लद्दाख क्षेत्र की देपसांग घाटी में अतिक्रमण करने की बात कबूल की और कहा कि ऐसी घटनाएं वास्तविक नियंत्रण रेखा के बारे में अलग अलग धारणाओं की वजह से हुईं.