लाल आतंक की जो चिंगारी 1940 के दशक में फूटी, लाल आतंक की जिस आग ने चालीस साल पहले पश्चिम बंगाल के एक इलाके को झुलसा दिया, आतंक की उन लपटों से निकलने का रास्ता आज 9 राज्यों को सूझ नहीं रहा है.