प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास चुनाव में प्रचार करने का वक्त है. लोगों को वोट की अहमियत बताने का वक्त है लेकिन जब वक्त खुद वोट देने का हो, तो और भी बड़े काम आड़े आ जाते हैं. असम चुनाव में मनमोहन ने वोट नहीं डाला, तो कांग्रेस इस मुद्दे को बेतुका बताने लगी.