हल्द्वानी जल संस्थान का करीब 22 करोड़ का बिल 14 हजार लोगों पर बकाया है. सूचना के अधिकार के तहत ये जानकारी मिली है. 660 पन्नों में मिली इस जानकारी में पता चला कि जनता केवल उधार का पानी पी रहे हैं और जल संस्थान ने अब तक इनके खिलाफ कोई उचित कार्यवाही नहीं की.
पिछले 15 से 20 साल में हल्द्वानी पेयजल संस्थान 22 करोड़ 36 लाख रुपए का बकाया बिल वसूल करने में नाकाम रहा है. आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक, 13 हजार पांच सौ 98 लोग उधारी का पानी पी चुके हैं. लेकिन पेयजल विभाग इनसे वसूली करने में नाकाम रहा है. इसकी वजह से हर साल सरकार के राजस्व को करोड़ों का नुकसान हो रहा है. इसे अधिकारियों की नाकामी ही कहा जा सकता है कि पानी पीने के बाद बिल वसूल करने में विभाग फिसड्डी साबित हुआ है.
जानकारी के मुताबिक, बकाया बिल 1000 रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक का है. ये हाल तब है जब हर साल विभाग मार्च में बकाया बिल वाले लोगों का वॉटर कनेक्शन काट देने का दावा भी करता है.
वहीं, के काठगोदाम इलाके के लोगों को अरोप है कि पीने के पानी का बिल हर माहीने आ जाता है लेकिन पानी नहीं आता. इसलिए उन्होंने अबकी बार बिल फाड़ने की बात कही है.
बहरहाल एक तरफ पेयजल संस्थान जनता को पानी की एक बूंद उपलब्ध नहीं करवा पा रहा तो दूसरी तरफ पिछले कई सालों से उधारी का पानी पीने वालों से 22 करोड़ 36 लाख की रिकवरी नहीं करवा पा रहा है. इससे साबित होता है कि पेयजल संस्थान की कार्यप्रणाली कितनी लचर है.