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स्वास्थ्य बीमा योजना बंद किए जाने पर CM रावत का सख्त रुख, कहा-दोषियों को मिलेगी सजा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत अस्पतालों में भर्ती हुए मरीजों का इलाज नहीं रोका जाएगा और नई कंपनी से करार होने तक सभी मरीजों के इलाज का खर्च उत्तराखंड सरकार वहन करेगी. सीएम ने साफ किया कि इस योजना को बंद करने के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत

उत्तराखंड में 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' को अचानक बंद किए जाने पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सख्त रुख अपनाया है. सीएम ने कहा कि जिन लोगों के कारण ये योजना बंद हुई है, उनको सजा दी जाएगी. उन्होंने बताया कि योजना बंद करने की गलती बीमा कंपनी से हुई है. योजना के लिए कंपनी से करार नवंबर तक था, जिसे पहले ही बंद करके नियमों का उल्लंघन किया गया है.

मरीजों का इलाज नहीं रुकेगा: रावत

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत अस्पतालों में भर्ती हुए मरीजों का इलाज नहीं रोका जाएगा और नई कंपनी से करार होने तक सभी मरीजों के इलाज का खर्च उत्तराखंड सरकार वहन करेगी. सीएम ने साफ किया कि इस योजना को बंद करने के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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योजना बंद होने से एक महिला की मौत

गौरतलब है कि 9 नवंबर के दिन दोपहर बाद पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से जो हेल्थ कैश कार्ड गरीब मरीजों को दिए गए थे, वो स्वेप करते समय काम नहीं कर रहे थे. इसी वजह से तमाम अस्पताल जो इस योजना के अंतर्गत आते थे, उन्होंने मरीजों का इलाज या तो बंद कर दिया था या फिर भारी रकम लेकर ही इलाज करना शुरू किया. इसी वजह से देहरादून में एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी क्योंकि योजना के बंद होते ही ICU में भर्ती महिला को तुरंत वार्ड से निकाल दिया गया था और महिला की मौत हो गई. इस योजना से पूरे प्रदेश के करीब 10 लाख से ज्यादा परिवार जुड़े हैं.

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