उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी है. बागेश्वर में गुरुवार से जोरदार बारिश हो रही है. इस कारण सरयू नदी अपने खतरे के निशान से उपर बह रही है. सरयू के उफान से बागेश्वर के सभी घाट डूब गए हैं.
सरयू और गोमती नदी पूरे उफान पर खतरे की घंटी बजा रहे हैं. जिले में भारी बारिश अब खतरा बनती जा रही है. कुमाऊं की काशी कही जाने वाली बागेश्वर नदी के प्रसिद्ध स्नान घाट सरयू के उफान में डूब चुके हैं. बागेश्वर में सबसे ज्यादा बारिश कपकोट ब्लॉक में हुई, जहां 153 मिमी बारिश दर्ज हुई है. कपकोट में तेज बारिश से सरयू नदी खतरे के निशान पर बह रही है. सरयू और गोमती के संगम में दरिया जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं.
बागेश्वर में बाबा बागनाथ मंदिर के आगे सरयू नदी से 15 फिट दूर घाट के उपर बने शिव मूर्ति तक सरयू की प्रचंड लहरें पहुच चुकी हैं. नदी किनारे बने घाट सरयू में डूब चुके हैं. लगातार सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है. कपकोट में लगातार हो रही तेज बारिश से खतरा बढ़ने लगा है. आधा दर्जन से अधिक सड़कें टूट चुकी हैं. बागेश्वर में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों को राजस्व और जल पुलिस ने अलर्ट किया है.
प्रदेश में अलग अलग इलाकों में बारिश हो रही है. इस कारण कहीं भूस्खलन तो कहीं मकान गिरने की खबरें आ रही हैं. नचनी गांव में भूस्खलन और टिमटिया गांव में भारी बारिश के बाद दो लोगों की मौत हो गई. नचनी गांव में तीन इमारतें भी धस गईं. इसके मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई. सूचना मिलते ही अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया.
इससे पहले अल्मोड़ा के झज्जर गांव में एक मकान ढह गया था. इस हादसे में चार लोग घायल हो गए थे, जबकि कई लोग फंस गए थे. राहत और बचाव कार्य के बाद कई लोगों को बचाया गया.