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मानसरोवर यात्रा: अंतिम दौर में तैयारियां, लिपुलेख दर्रे तक गए ITBP डीजी

कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है. गुरुवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक सुरजीत सिंह देसवाल ने फुट ट्रैक की स्थिति का जायजा लिया.

फुट ट्रैक की स्थिति का जायजा लेते ITBP डीजी फुट ट्रैक की स्थिति का जायजा लेते ITBP डीजी

कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है. गुरुवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक सुरजीत सिंह देसवाल ने फुट ट्रैक की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने मानसरोवर यात्रा के पारंपरिक मार्ग की ओर जाने वाली फुट ट्रैक की स्थिति और सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए लिपुलेख दर्रे पर गए.

इस साल नाथूला मार्ग से 10 और लिपुलेख मार्ग से कुल 18 यात्री दलों के जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है. नाथूला मार्ग से प्रत्येक बैच में 50 यात्री और परंपरागत लिपुलेख मार्ग से प्रत्येक मैच में 60 यात्रियों को ले जाया जाएगा.

गुरुवार को मानसरोवर यात्रियों का पहला जत्था आइटीबीपी की 7वीं वाहिनी मिर्थी, उत्तराखंड पहुंचा जहां उनका भव्य स्वागत किया गया था. इस दल को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 11 जून 2019 को नई दिल्ली से रवाना किया था. 58 सदस्यीय इस पहले दल का आईटीबीपी ने परंपरागत छोलिया डांस और उत्तराखंड की परंपरा के अनुसार स्वागत किया था.

बता दें, कैलाश मानसरोवर तिब्बत में कैलाश माउंटेन रेंज में 21,778 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. हिंदू इसे भगवान शिव का निवास स्थान मानते हैं. 1981 से ही इस यात्रा में आईटीबीपी ने केंद्रीय भूमिका निभाई है. आइटीबीपी कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए सुरक्षा संचार और चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करवाती है और भारतीय क्षेत्र में यात्रियों की सुगम यात्रा की हर संभव प्रयास करती है.

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