देहरादून के मसूरी में स्थित प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी उस समय सुर्खियों में आ गई, जब एक युवक फर्जी यूपीएससी ज्वाइनिंग लेटर लेकर ट्रेनिंग के लिए अकादमी पहुंच गया. जांच में सामने आया कि युवक यूपीएससी चयन के नाम पर ठगी का शिकार हुआ है. शनिवार को युवक अपने पूरे दैनिक सामान और माता पिता के साथ एलबीएस अकादमी पहुंचा. उसने अकादमी प्रशासन को बताया कि उसका यूपीएससी में चयन हुआ है और वह ट्रेनिंग ज्वाइन करने आया है. युवक ने व्हाट्सएप के जरिए मिला ज्वाइनिंग लेटर और चयन से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए.
दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में अकादमी प्रशासन को संदेह हुआ. इसके बाद तुरंत मसूरी पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची. साथ ही एलआईयू और आईबी की टीम को भी बुलाया गया. सभी एजेंसियों ने युवक से पूछताछ की और दस्तावेजों की गहन जांच की.
दस्तावेजों की जांच के दौरान अकादमी प्रशासन को संदेह हुआ
जांच के दौरान यह साफ हो गया कि युवक को दिया गया यूपीएससी चयन और ज्वाइनिंग लेटर पूरी तरह फर्जी है. पूछताछ में युवक ने बताया कि वर्ष 2023 में उसे एक कॉल आया था, जिसमें कहा गया कि उसका यूपीएससी परीक्षा के लिए चयन हो गया है. इसके बाद उसे हरियाणा के सोनीपत बुलाया गया, जहां लिखित परीक्षा, मेन एग्जाम और इंटरव्यू का नाटक किया गया.
युवक के अनुसार ठगों ने अलग अलग चार्ज के नाम पर उससे करीब 27 हजार 564 रुपये वसूले. रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई गई. इसके बाद 3 जनवरी की ज्वाइनिंग डेट वाला फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर उसे थमा दिया गया. इसी लेटर के आधार पर वह अपने माता पिता के साथ मसूरी स्थित एलबीएस अकादमी पहुंचा था.
पुलिस ने FIR दर्ज कर केस गुरुग्राम ट्रांसफर किया
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि युवक उच्च शिक्षित है और वर्तमान में हरियाणा की एक निजी कंपनी में काम करता है. अकादमी पहुंचने पर जब सच्चाई सामने आई तो पूरे मामले में हड़कंप मच गया. पीड़ित की शिकायत पर मसूरी पुलिस ने बीएनएस की धारा 318 उपधारा 4 में जीरो एफआईआर दर्ज की. चूंकि ठगी से जुड़ा पूरा मामला हरियाणा के गुड़गांव क्षेत्र से संबंधित पाया गया है, इसलिए आगे की जांच के लिए एफआईआर को हरियाणा पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है. मसूरी पुलिस ने मामले को लेकर आधिकारिक प्रेस नोट भी जारी किया है.