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चार धाम परियोजनाः बीआरओ ने चंबा शहर के नीचे बनाई सुरंग

गंगोत्री, केदारनाथ, यमुनोत्री और बद्रीनाथ को जोड़ने के लिए 12000 करोड़ की चार धाम परियोजना के तहत इस निर्माण कार्य में मुआवजे के साथ ही ऊपर बने मकानों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण बाधा आई.

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ऑस्ट्रेलियाई तकनीक का हुआ इस्तेमाल
ऑस्ट्रेलियाई तकनीक का हुआ इस्तेमाल

  • निर्धारित समय से तीन महीने पहले पूरा हो जाएगा कार्य
  • नवीनतम ऑस्ट्रेलियाई तकनीक का हुआ है इस्तेमाल

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की है. चार धाम परियोजना के तहत बीआरओ की टीम ने ऋषिकेश-धरासू एनएच -94 पर चंबा शहर के नीचे 440 मीटर सुरंग का सफलता पूर्वक निर्माण किया है. इस पर निर्माण कार्य निर्धारित समय से तीन महीने पहले अक्टूबर 2020 तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है.

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खास यह कि इस सुरंग के निर्माण के दौरान चंबा शहर के किसी भी मकान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. इस सुरंग के निर्माण के लिए नॉर्थ पोर्टल पर जनवरी 2019 में काम शुरू किया था. वहीं, साउथ पोर्टल पर काम अक्टूबर 2019 में ही शुरू हो सका था. गंगोत्री, केदारनाथ, यमुनोत्री और बद्रीनाथ को जोड़ने के लिए 12000 करोड़ की चार धाम परियोजना के तहत इस निर्माण कार्य में मुआवजे के साथ ही ऊपर बने मकानों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण बाधा आई.

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इन समस्याओं के समाधान के बाद अक्टूबर 2019 में साउथ पोल पर निर्माण कार्य शुरू हो सका था. बीआरओ के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने इस संबंध में कहा कि सुरंग के निर्माण में नवीनतम ऑस्ट्रेलियाई तकनीक का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट शिवालिक उत्तराखंड में गंगोत्री और बद्रीनाथ मंदिर के लिए 250 किलोमीटर लंबी सड़क का भी निर्माण किया जा रहा है.

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बीआरओ के डीजी हरपाल सिंह ने कहा कि सुरंग के निर्माण में आई बाधाओं को दूर करने में राज्य सरकार ने भी सक्रिय भूमिका निभाई.

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