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Vikas Dubey Encounter: शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन बोले- भेदियों को भीड़ के बीच मिले ऐसी ही सजा

विकास दुबे के मारे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कानपुर कांड में शहीद पुलिसकर्मी जितेंद्र पाल सिंह के तीरथ पाल सिंह ने कहा है कि मुझे यूपी पुलिस पर गर्व है.

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Vikas Dubey Encounter
Vikas Dubey Encounter

  • एनकाउंटर के लिए प्रशासन को दिया धन्यवाद
  • कानपुर कांड में शहीद हुए थे जितेंद्र पाल सिंह

कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में 2 जुलाई की देर रात दबिश देने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया था. इस हमले में क्षेत्राधिकारी (सीओ) देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इस कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे को यूपी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शुक्रवार की सुबह मार गिराया है.

विकास दुबे के मारे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कानपुर कांड में शहीद पुलिसकर्मी जितेंद्र पाल सिंह के पिता तीरथ पाल सिंह ने कहा है कि मुझे यूपी पुलिस पर गर्व है. समाचार एजेंसी एएनआई ने अनुसार उन्होंने कहा कि विकास दुबे का मारा जाना मेरी आत्मा को सांत्वना देने वाला है. शहीद पुलिसकर्मी के पिता ने योगी सरकार और पुलिस-प्रशासन को धन्यवाद भी दिया.

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आजतक से बात करते हुए उन्होंने कहा कि महकमे के जिन लोगों ने विकास की सहायता की. उन भेदियों को भी जनता के बीच लाकर इसी तरह सजा दी जानी चाहिए. गौरतलब है कि शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के बड़े भाई ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि उसको जिंदा रखा जाना चाहिए था. पूछताछ कर खाकी और खादी के साथ अपराध के गठजोड़ का खुलासा होना चाहिए था. उन्होंने कहा था कि यदि यह एक हादसा है, तो हम कुछ नहीं कह सकते.

वहीं, शहीद कॉन्सटेबल सुल्तान सिंह की पत्नी उर्मिला वर्मा ने कहा कि उन्हें विकास दुबे के एनकाउंटर की खबर से काफी राहत मिली है. हालांकि, साथ ही उन्होंने सवाल किया कि अब यह कैसे पता चलेगा कि कौन विकास दुबे को बचाने की कोशिश कर रहा था? उन्होंने कहा कि अगर विकास से सवाल-जवाब किए जाते तो कई खुलासे हो सकते थे.

बीच सड़क पर गाड़ी पलटी, हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था विकास दुबे

बता दें कि बिकरू गांव में पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलीबारी कर 8 पुलिसकर्मियों को शहीद कर देने के आरोपी विकास दुबे पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. विकास एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर से पकड़ा गया था. यूपी पुलिस और एसटीएफ के जवान उसे लेकर कानपुर आ रहे थे.

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विकास दुबे को जिस गाड़ी से लाया जा रहा था, वह हादसे का शिकार होकर सड़क पर ही पलट गई. पुलिस के मुताबिक वाहन पलटने के बाद विकास दुबे ने मौके का फायदा उठाते हुए हादसे में घायल पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीनकर फरार होने की कोशिश की. सरेंडर करने के लिए पुलिस पर फायरिंग करने लगा. पुलिस और एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया.

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