कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जेल में बंद कैदियों से मुलाकात की किसी को इजाजत नहीं दे रही. कोरोना के खतरे को कम करने के लिए उठाए गए इस एहतियाती कदम के कारण कैदी अपने परिजनों से मुलाकात से भी महरूम हैं. इसे देखते हुए अब गाजियाबाद की डासना जेल को हाइटेक बनाया गया है. जेल में कैदियों के लिए हॉटलाइन 121 की सोमवार को शुरुआत की गई.
डीजी जेल आनंद कुमार और डीआईजी जेल मेरठ मंडल लव कुमार ने इस सेवा की शुरुआत की. इससे अब कैदी अपने परिजनों से बात भी कर सकेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन भी सुनिश्चित हो सकेगा. इस सेवा की शुरुआत करने के बाद डीजी जेल आनंद कुमार ने कहा कि इन दिनों देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है. इस महामारी को ध्यान में रखते हुए जेल में बंद बंदियों की मुलाकात फिलहाल बंद थी, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित किया जा सके.
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उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए ही गाजियाबाद की डासना जेल में मुलाकात के वक्त 39 हॉटलाइन टेलीफोन लगाकर वन टू वन सेवा की शुरुआत की गई है. इसके माध्यम से जेल में बंद बंदियों से मुलाकात करने पहुंचने वाले लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बंदी से मुलाकात कर सकते हैं और आमने-सामने रहते हुए आपस मे बात भी कर सकते हैं.
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डीजी जेल ने कहा कि प्रदेश में इसकी शुरुआत डासना जेल से ही की गई है. उन्होंने कहा कि इस तरह की सेवा प्रदेश की अन्य जेलों में भी उपलब्ध कराई जाएगी. डीजी जेल का कहना था कि इस तरह का सिस्टम विदेशों में बहुत पहले से चला आ रहा है, लेकिन यहां भी अब इसकी शुरुआत कर दी गई है.