बड़ा परिवार, बढ़ती महंगाई, चौपट कारोबार और बढ़ते कर्ज ने रविवार को गाजियाबाद में एक की जान ले ली. 45 साल के वसीम की चार बीवियां हैं और वह 20 बच्चों का पिता था. बताया जाता है कि महंगाई और बढ़ते कर्ज से तंग आकर उसने खुद को गोली मार ली. खास बात यह भी है कि ऐसा करने से पहले उसने पूरे परिवार के साथ मीटिंग भी की.
गाजियाबाद के लोनी इलाके में हर किसी के जुबान पर वसीम की चर्चा है. वसीम पूजा कॉलोनी का निवासी था. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, वसीम का परिवार बड़ा था और ज्यादा कर्ज होने की वजह से उसका धंधा भी चौपट हो गया था. वह प्रोपर्टी का बिजनेस करता था, लेकिन बीते कुछ समय से उसकी आमदनी परिवार के लिए नाकाफी थी.
एक दिन पहले सभी से मिला
परिवार वालों से मिली जानकारी के अनुसार, महंगाई के इस दौर में वसीम घर में अकेला कमाने वाला था. बीते कुछ समय से परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा था. हैरानी की बात यह है कि वसीम ने सुसाइड करने से एक दिन पहले परिवार के सभी लोगों से बारी-बारी मुलाकात की थी. यही नहीं, उसने सभी को एक जगह बिठाकर कर्ज और परिवार की स्थिति पर चिंता भी जताई थी.
एसपी देहात जगदीश शर्मा कहते हैं, 'बताया जा रहा है कि परिवार पर कर्ज बहुत अधिक था और कोई रास्ता नहीं मिलने के कारण उसने खुद को गोली मार ली. हालांकि पुलिस मामले के सभी पक्षों की जांच कर रही है.'
एक गोली से बात नहीं बनी तो दूसरी चलाई
परिवार वालों ने बताया कि घटना के वक्त वसीम की दो बीवी और उसका एक भाई उसके पास ही खड़े थे. जब उसने पहली गोली चलाई तो वह घर के बाहर लगी. इसके बाद उसने फिर से दूसरी गोली चलाई और खुदकुशी कर ली. गोली उसके सिर में लगी. गोली लगने के बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी.