अक्सर इलाज के दौरान सही समय पर खून न मिलने पर लोगों की जान चली जाती है. लेकिन कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने ने स्वैच्छिक रक्तदान कर कई लोगों की जान बचाई है.
कुछ ऐसी ही पहल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो भाइयों ने स्वैच्छिक रक्तदान करके की है. ये दोनो भाई राज्य सरकार में उच्च पद पर तैनात हैं. जिसमें एक कोर्ट में जज हैं तो दूसरे प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन हैं. इन दोनों भाइयों को रक्त दान करने की प्रेरणा अपने परिवार से मिली है.
राजन शुक्ला और राजश्री शुक्ल नाम के ये दो भाई राज्य सरकार में उच्च पद पर हैं. बड़े भाई राजन शुक्ला ने अब तक 100 से ज्यादा बार रक्तदान किया है. राजन शुक्ला उत्तर प्रदेश सरकार के नागरिक सुरक्षा विभाग में प्रमुख सचिव हैं. इनका कहना है कि उन्हें रक्तदान करने की प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली है. जो नियमित तौर पर ब्लड डोनेट किया करते थें. इस रक्तदान शिविर का आयोजन राजन शुक्ला ने ही किया था. जिसमें विभाग के मंत्री अनिल राजभर समेत विभाग के कई स्वयंसेवकों ने रक्तदान किया.
इनके दूसरे भाई राजश्री शुक्ल जज हैं. राजश्री शुक्ल का कहना है कि समाज इस तरह की अवधारणा है कि रक्तदान से किसी तरह का नुकसान होता है. लेकिन ऐसा नहीं है, इसलिए ऐसी अवधारणा दूर होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने अपील की कि व्यक्ति जब तक स्वस्थ्य रहे उसे रक्तदान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक रक्तदान से चार जिंदगियां बचती हैं. राजश्री शुक्ल ने कहा कि उन्होंने अब तक 50 बार से ज्यादा रक्तदान किया है.