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झांसी: खाद के लिए चार दिन से लाइन में लगा हुआ हूं, कब आएगी मेरी बारी? किसानों का दर्द

किसान के लिए खाद की समस्या बेहद गंभीर समस्या है. हर फसल के लिए किसानों को खाद के लिए जूझना पड़ता है. कभी मौसम की मार झेलता है तो कभी कोई अन्य परेशानी का सामना करना पड़ जाता है. यहां किसान अभी लाइन में लगकर यही पूछ रहे हैं कि आखिर उनकी बारी कब आएगी.

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खाद के लिए लाइन में लगे किसान  (File)
खाद के लिए लाइन में लगे किसान (File)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सहकारी समिति पर लाइन में लगे महिलाएं व किसान
  • अपनी बारी के इंतजार में परेशान होना पड़ रहा है

झांसी में किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है. लोग लंबी कतारों लगे हैं, महिलाएं भी खाद के लिए लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं. उनका कहना है कि अगर समय से खाद नहीं मिली तो फसलें बेकार हो जाएंगी. उनकी बारी कब तक आएगी.

उदयप्रताप ने कहा कि किसान खाद की यह बहुत गंभीर समस्या है, किसान आत्महत्या कर रहा है. खाद यहां आती है और पास में mp लगा है, वहां ब्लैक में बेच देते हैं और किसान यहां परेशान होता है. रामदास ने कहा कि किसान यहां चार दिन से लाइन में लगा हूं, पर खाद नहीं मिलती है. जो खाद आती है, वो बड़े लोगों को मिलती है. कई कई दिन लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है.

नहीं रुक पा रही खाद की कालाबाजारी

झांसी में लाख कोशिशों के बाद भी खाद की कालाबाजारी नहीं रुक पा रही है. खाद की किल्लत से परेशान किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं. वहीं दूसरी ओर लाइसेंस धारी खाद विक्रेता जमकर मनमानी और ब्लैक मेलिंग करने पर तुले हुए हैं. सोशल मीडिया पर मोंठ क्षेत्र का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है.

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इस वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि खाद की बोरी का ट्रक आते ही उसे स्टॉक कर लिया जाता है. इसके बाद 1200 रुपए की बोरी 1400 में बेची जाती है. सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद किसानों ने संबंधित खाद एजेंसी पर हंगामा करना शुरू कर दिया. विडंबनापूर्ण स्थिति यह है कि यह सारी चीजें तब हो रही हैं, जब एजेंसी पर बकायदा पुलिस भी तैनात की गई है और वह मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही है.

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