लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था तो चौपट हो ही रही है. लोगों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. जिनकी नौकरी बची है उन्हें सैलरी नहीं मिल रही. हालांकि केंद्र सरकार ने सभी सरकारी और निजी कंपनियों से अपील जरूर की है कि वो किसी भी वयक्ति की सैलरी ना काटें, साथ ही उन्हें रोजगार से भी ना निकालें. लेकिन उनकी इस अपील का असर होता दिख नहीं रहा है. यूपी जल निगम ने पिछले तीन महीनों से अपने 25,000 कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सैलरी नहीं दी है. विभाग आर्थिक तंगी का रोना रो रहा है.
हालांकि आपको जानकर ताज्जुब होगा कि यूपी जल निगम जो आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहा है, मुख्यमंत्री राहतकोष में कुछ दिनों पहले ही 1.47 करोड़ रुपये डोनेट किए हैं. इस बारे में निगम का कहना है कि मुख्यमंत्री को जो पैसा दिया है वह स्टाफ ने अपनी सैलरी से डोनेट किया था.
बता दें, 27 अप्रैल को यूपी के शहरी विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जल निगम की तरफ से सहायता राशि के नाम पर 1, 46, 90, 237 रुपये का एक चेक सौंपा था. बताया गया है कि यह सैलरी 25,000 कर्मचारियों और पेंशनधारियों के एक दिन की सैलरी के बराबर है.
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जल निगम कर्मचारी समन्वय समिति के प्रमुख प्रवक्ता डीपी मिश्रा ने आजतक से बात करते हुए कहा, 'हमें बताया गया कि जल निगम आर्थिक संकट से गुजर रहा है. इसलिए कर्मचारियों को वेतन भुगतान में देरी हो रही है. आप कोविंड फंड में पैसे दे रहे हैं, दीजिए. हमें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन बीते तीन महीनों (फरवरी, मार्च, अप्रैल) से किसी भी कर्मचारी को सैलरी नहीं मिली है. डिपार्टमेंट के कहे अनुसार अगर फंड के लिए फरवरी महीने में से एकदिन के पैसे काटे गए हैं, तो फिर हमारी फरवरी महीने की भी सैलरी अब तक क्यों नहीं दी गई.'
उन्होंने आगे कहा, 'एक तरफ तो सरकार कह रही है कि सभी कर्मचारियों को समय से सैलरी का भुगतान होना चाहिए, लेकिन हमें अब तक कोई आश्वासन ही नहीं दिया गया है. कायदे से विभाग को प्रत्येक महीने 73 करोड़ रुपये रिलीज करनी चाहिए थी, जिससे कि सभी कर्मचारियों और पेंशनधारियों का वेतन भुगतान किया जा सके. पिछले साल से हमारे कई सारे ड्यूज भी बाकी हैं. पिछले कुछ सालों से हमें बोनस भी नहीं मिल रहे हैं. इतना ही नहीं राहत फंड के लिए जो पैसे काटे गए हैं, हमें उसकी भी जानकारी नहीं दी गई.'
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वहीं यूपी जल बोर्ड निगम एमडी विकास गोथालवाल का कहना है कि फरवरी महीने की सैलरी देने की प्रकिया शुरू की जा रही है. बाकी के भी जो वेतन बचे हैं वो भी जल्द ही चुका दिए जाएंगे. सभी कर्मचारियों को उनके काम के लिए अलग से कुछ कमिशन भी दिया जाना था लेकिन लाॉकडाउन की वजह से वो प्रभावित हो रहा है. कर्मचारियों की जो भी समस्याएं हैं उन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा.