संसद के मॉनसून सत्र में बॉलीवुड के ड्रग्स की गूंज सुनाई दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रवि किशन ने संसद में ड्रग्स का मुद्दा उठाकर जांच की मांग की तो जया बच्चन ने पलटवार कर कहा था कि जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद करते हैं. अब भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने चुटकी लेते हुए यह बताया है कि जया बच्चन की जिस थाली में छेद था, उससे क्या निकल रहा है?
सुब्रत पाठक ने कहा कि एनसीबी की जांच में दीपिका, सारा और श्रद्धा के नाम सामने आए हैं. जया बच्चन ने जिस तरह से थाली में छेद की बात की थी, अब उस छेद से सारे वही लोग निकल रहे हैं, जो ड्रग्स से घिरे हुए थे. उन्होंने कहा कि कई दशकों से बॉलीवुड का सांप्रदायीकरण किया गया. एक वर्ग विशेष के लोगों को अच्छा दिखाया गया. धर्म विशेष के लोगों को ईमान का पक्का और धार्मिक दिखाया गया, जबकि तिलक लगाने और जनेऊ पहनने वाले को बलात्कारी दिखाया जाता रहा है.
भाजपा सांसद ने देश में लव जिहाद के लिए भी बॉलीवुड पर ठीकरा फोड़ा और कहा कि बढ़ते मामलों के लिए फिल्में जिम्मेदार हैं. फिल्मों ने धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि बॉलीवुड पर लंबे वक्त तक हाजी मस्तान, दाऊद का प्रभाव रहा है. यही वजह है कि जब गुलशन कुमार धार्मिक फिल्में बनाने लगे तो उनकी हत्या करा दी गई.
भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने ये भी कहा कि बॉलीवुड में जिस तरह से हीरो-हीरोइन विवाह करते हैं और नाम बदल देते हैं, इससे समाज में युवाओं के बीच गलत संदेश जाता है. उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित होकर युवा गैर धर्म में शादी कर लेता है. उन्होंने दिलीप कुमार को इसका उदाहरण बताया. गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही एनसीबी के सामने बॉलीवुड के कई सितारों के नाम सामने आए हैं.