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साल का अंत जीत के साथ करना चाहेंगे: धोनी

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने श्रृंखला पर कब्जा जमाने के बावजूद श्रीलंका के खिलाफ रविवार को नई दिल्‍ली में होने वाले पांचवें और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच में ‘अधिक प्रयोग’ करने से साफ इनकार करते हुए शनिवार को कहा कि वह मजबूत टीम उतारकर साल का अंत जीत के साथ करना चाहेंगे.

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भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने श्रृंखला पर कब्जा जमाने के बावजूद श्रीलंका के खिलाफ रविवार को नई दिल्‍ली में होने वाले पांचवें और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच में ‘अधिक प्रयोग’ करने से साफ इनकार करते हुए शनिवार को कहा कि वह मजबूत टीम उतारकर साल का अंत जीत के साथ करना चाहेंगे.

धोनी ने कहा, ‘‘हम इस मैच में बहुत अधिक प्रयोग नहीं करेंगे. हम भले ही श्रृंखला जीत गये हैं लेकिन 3-2 की जीत से 4-1 की जीत हमेशा बेहतर होती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मुकाबला एक मजबूत टीम से है और हम उसी की टक्कर की टीम इस मैच में भी उतारेंगे और साल का अंत जीत से करके नये साल में विजयी टीम के रूप में प्रवेश करना चाहेंगे.’’ भारतीय कप्तान ने शनिवार के मैच के लिए अंतिम एकादश के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया और कहा कि सचिन तेंदुलकर और एस श्रीसंत दोनों फिट हैं.

गौरतलब है कि तेंदुलकर ने शुक्रवार को नेट प्रेक्टिस में भाग नहीं लिया जबकि एस श्रीसंत भी हाल ही में स्वाइन फ्लू से उबरे हैं. धोनी ने अपने तेज गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन को लेकर जताई जा रही चिंता को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘‘इस पूरी श्रृंखला में अधिकतर मैच बड़े स्कोर के रहे और विकेट से बल्लेबाजों को अधिक मदद मिली. आपने देखा होगा कि केवल ईडन गार्डन्स में ही गेंदबाजों को थोड़ी स्विंग मिल रही थी जबकि बाकी तीन मैच में उन्हें कोई मदद नहीं मिली इसलिए तेज गेंदबाज पर दोष मढ़ना गलत होगा.’’

धोनी ने फिरोजशाह कोटला के विकेट के बारे में कहा कि इससे खेल आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को मदद मिलेगी इसलिए टीम दो विशेषज्ञ स्पिनरों के साथ ही उतरेगी. उन्होंने कहा, ‘‘पिछले मैच (आस्ट्रेलिया के खिलाफ) की तुलना में विकेट थोड़ा बेहतर दिख रहा है लेकिन अभी यह कहना मुश्किल होगा कि इसमें कितना स्कोर बनेगा. भारतीय पिचों पर स्पिनरों के 20 ओवर अहम भूमिका निभाते हैं और यहां भी हम दो विशेषज्ञ स्पिनरों के साथ उतरेंगे.’’

भारतीय कप्तान ने हालांकि साफ किया कि फिर से उनके बल्लेबाजों को ही अहम भूमिका निभानी होगी. धोनी ने कहा, ‘‘इस पूरी श्रृंखला में श्रीलंका को तिलकरत्ने दिलशान और हमें वीरेंद्र सहवाग से अच्छी शुरुआत मिली. इन दोनों में से जो भी अधिक देर तक टिक जाता है उसकी टीम का पलड़ा भारी हो जाता है. लेकिन पिछले दो मैचों में सहवाग के नहीं चलने के बावजूद हमारे बाकी बल्लेबाजों ने अच्छी भूमिका निभाई और यहां भी उन पर बड़ा दारोमदार होगा.’’

धोनी से जब पूछा गया कि दो मैच में प्रतिबंध झेलने के कारण उन्हें एक टीवी दर्शक के रूप में टीम की क्या कमियां और खूबियां नजर आई तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि सब कुछ परफेक्ट चल रहा है. जब हमें अच्छी साझेदारी की जरूरत थी तो वह निभाई गई, एक दो कैच जरूर छूटे पर क्षेत्ररक्षण का स्तर पहले से बेहतर था.’’ धोनी ने कहा, ‘‘क्षेत्ररक्षण ऐसी चीज है जो एक-दो दिन या एक सप्ताह में ठीक नहीं की जा सकती. इसके लिए बेसिक्स पर काम करना होगा जो हम कर रहे हैं और मैं अपने क्षेत्ररक्षण में सुधार देख रहा हूं.’’

भारतीय कप्तान धोनी ने युवा खिलाड़ियों विशेषकर विराट कोहली और रविंदर जडेजा की तारीफ करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘जितने भी सीनियर खिलाड़ी हैं वे हमेशा कहते रहे हैं कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है. विराट और जडेजा ने साबित कर दिया कि हमारी बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है और ऐसे खिलाड़ियों को जब भी मौका मिला उन्होंने खुद को साबित किया, यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा संकेत है.’’

धोनी ने कहा, ‘‘युवा खिलाड़ियों ने ना सिर्फ बल्लेबाजी और गेंदबाजी में खुद को साबित किया बल्कि उनके आने से क्षेत्ररक्षण का स्तर भी बेहतर हुआ है.’’ भारतीय कप्तान से जब 2009 में टीम के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए यह साल काफी अच्छा रहा. यदि चैम्पियन्स ट्रॉफी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला को छोड़ दिया जाये जो हमने लगभग हर श्रृंखला में बेहतर प्रदर्शन किया.’’

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