पश्चिम बंगाल के करीमपुर विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को उपचुनाव के लिए मतदान जारी है. इस दौरान बीजेपी प्रत्याशी जयप्रकाश मजूमदार को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने थप्पड़, लात, घूंसे मारे और सड़क किनारे झाड़ी में फेंक दिया. हालांकि, तृणमूल ने इस घटना में अपने कार्यकर्ताओं के शामिल होने से इनकार किया है.
यह घटना नदिया जिले के पिपुलखोला थाने के अंतर्गत खियाघाट इस्लामपुर प्राथमिक स्कूल बूथ के बाहर उस समय हुई, जब मजूमदार यह जानकारी मिलने पर वहां पहुंचे कि बूथ से लगभग 10 मीटर की दूरी पर एक 'संदिग्ध' दावत के लिए एक घर में बड़ी मात्रा में भोजन पकाया जा रहा है.
मजूमदार मौजूदा प्रदेश उपाध्यक्ष हैं. उन्होंने 10-11 लोगों को खाना पकाने में व्यस्त पाया और इन लोगों ने दावा किया कि भोजन मतदान अधिकारियों के लिए तैयार किया जा रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस तरह की किसी जानकारी से इनकार किया. मजूमदार ने बूथ से बाहर आने के बाद प्रशासन के अधिकारियों और अधिकारियों को सूचित किया लेकिन जब वह सड़क पर खड़े थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और विरोध करना शुरू कर दिया.
West Bengal BJP Vice President and candidate for Karimpur bypoll, Joy Prakash Majumdar manhandled and kicked allegedly by TMC workers as voting is underway in the constituency.
— ANI (@ANI)
फिर प्रदर्शनकारियों ने उनका कॉलर पकड़ लिया और झाड़ी में धकेल दिया. जैसे ही मजूमदार ने खड़ा होने की कोशिश की एक अन्य प्रदर्शनकारी ने उन्हें लात मारकर झाड़ी के और अंदर धकेल दिया. के जवानों ने उन्हें बचाया और लाठी चार्ज करके प्रदर्शनकारियों को भगाया. मजूमदार ने कहा, वे इसलिए भड़क गए, क्योंकि मैंने बूथ पर कब्जा करने की उनकी सुनियोजित साजिश का पदार्फाश कर दिया. बीजेपी ने इन प्रदर्शनकारियों को टीएमसी कार्यकर्ता बताया.
मजूमदार ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, मुझे बांह और पीठ पर चोटें आई हैं. यह चोट तो ठीक हो जाएगी लेकिन असल सवाल यह है कि बंगाल को चोटों से कब मुक्ति मिलेगी, जिसे ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) और उनके सहयोगी राज्य को पहुंचा रहे हैं?