नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के नए निदेशक के तौर पर प्रो. वामन केंद्रे का नाम तय हो गया है. इस बारे में औपचारिक एलान जल्द ही होने की उम्मीद है.
साढ़े तीन दशक से रंगमंच में सक्रिय, वनजारा नाम की एक आदिम जाति के प्रो. वामन केंद्रे 1977-78 में महाराष्ट्र के दलित थिएटर मूवमेंट का अहम नाम थे. वे बिरले ऐसे रंगकर्मियों में से हैं, जिनके नाटक गहरे सामाजिक सरोकारों से जुड़े और उतने ही मनोरंजक होते हैं.
देवदासी प्रथा से जुड़ा 'झुलवा' हो या हिजड़ों की जिंदगी से जुड़ा 'जानेमन', 'रणांगण' हो या 'ती फुलरानी', वामन केंद्रे के असाधारण रंगकर्म के लिए एनएसडी खुद उन्हें पहले मनोहर सिंह पुरस्कार से सम्मानित कर चुका है.
एनएसडी के बजट के पांच फीसदी से भी कम में वे नौ साल से ज्यादा वक्त से अकादमी व्यवस्थित रूप से चलाते आ रहे हैं. आजीवन रंगकर्म की कसम ली है उन्होंने.