अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त रूप से सीरिया की राजधानी दमिश्क पर हमला किया. हमले से आज सुबह सीरिया की राजधानी दमिश्क तेज विस्फोटों से दहल उठी और आसमान में घना धुआं छा गया. इसी हमले पर रूस और चीन की विशेष मांग पर संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक हो रही है. हालांकि इस बैठक में भी अमेरिका के तेवर में कोई बदलाव नहीं आया है. संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया हमले की निंदा करने के लिए रूस के वोटिंग करवाने की मांग को खारिज कर दिया है.
UN rejects Russian bid to condemn military strikes on Syria
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रक्षा परिषद की बैठक की शुरुआत रूस द्वारा , ब्रिटेन और फ्रांस संयुक्त हमले की आलोचना से हुई. हालांकि अमेरिका ने इस बैठक में अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं जताया और साफ कर दिया कि वह सीरिया पर दोबारा हमले को भी तैयार है.
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने साफ कर दिया कि सीरिया में फिर से रासायनिक हमले का जवाब देने के लिए अमेरिका तैयार है. नया रासायनिक हमला होने पर अमेरिका सीरिया पर दोबारा हमला कर सकता है.
वहीं, इससे पहले रूस ने सीरिया पर हमले की निंदा प्रस्ताव के लिए की. आपको बता दें कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त रूप से सीरिया की राजधानी दमिश्क पर हमला किया. अमेरिका के इस हमले पर बशर अल असद की सरकार और उनके सहयोगी देशों रूस और चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. वहीं, फ्रांस ने हमले को सफल बताते हुए कहा कि इस हमले में असद सरकार के केमिकल हथियार के सारे ठिकाने नष्ट किए गए हैं.
US 'locked and loaded' to strike Syria again in response to any new chemical attack, says US Ambassador to the UN Nikki Haley
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अमेरिका के साथ साथ ब्रिटेन और फ्रांस ने भी जरूरत पड़ने पर सीरिया पर दोबारा हमला करने की चेतावनी दी है. वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनी ने इस स्ट्राइक पर नाराजगी जाहिर की है और इस हमले को सैन्य अपराध बताया है. साथ ही खामेनी ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के लीडरों को अपराधी भी कहा. वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा कि सीरिया पर उसका हमला सफल रहा और अमेरिकी मिसाइलों ने सारे निशानों को सफलतापूर्वक साधा है.
Russia demands UN Security Council vote on condemning Syria air strikes
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हमले पर कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरिया में मानवीय आपदा लाने की कोशिश की है. पुतिन ने बताया था कि सीरिया पर हुए एयरस्ट्राइक को लेकर रूस यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की आपात बैठक बुलाने जा रहा है. वहीं, चीन ने कहा है कि अमेरिका की यह सैन्य कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र रक्षा परिषद के अंतराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है.