कोरोना वायरस को देखते हुए केंद्र सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं. वहीं राज्य सरकारें भी इसके प्रसार को रोकने के लिए तमाम कोशिश कर रही हैं. आंध्र प्रदेश सरकार ने एहतियातन सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और शैक्षणिक संस्थानों को 31 मार्च तक बंद रखने का निर्देश जारी किया है. हालांकि आंध्र सरकार ने इंटरमीडिएट और SSC (कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षा के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया है. वो पहले से तय समय के मुताबिक ही होगी.
मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने गुरुवार को हाई लेवल मीटिंग के बाद सभी लोगों से अपील की है कि COVID-19 को लेकर किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है. सभी लोग बस सावधानी बरतें. एहतियातन भीड़-भाड़ वाली जगहों को बंद किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आगे से किसी तरह की बैठक के लिए हमलोग भी वीडियो कॉन्फ्रेंस करेंगे. सभी इलाकों के हालात पर चर्चा के लिए समय-समय पर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर्स से बात करता रहूंगा. अभी तक हमारे राज्य में तीन COVID-19 पॉजिटिव केस पाए गए हैं.
सीएम ने कहा कि सभी मॉल, सिनेमा हॉल और धार्मिक स्थलों को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है. हालांकि छोटे मंदिर, मस्जिद और चर्च में सभी कार्य होते रहेंगे. सभी बार और रेस्टोरेंट्स को निर्देश दिए गए हैं कि टेबल के बीच में एक मीटर की दूरी रखें. वहीं सार्वजनिक वाहनों के अंदर भी ओवरलोडिंग के लिए मनाही की गई है. बता दें अभी तक राज्य में कुल तीन कोरोना वायरस के संक्रमित मामले मिले हैं.
दिल्ली मेट्रो ने भी उठाए महत्वपूर्ण कदम
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने भी नई एडवाइजरी जारी की है. अब मेट्रो में सबको एक सीट छोड़कर बैठना होगा. यह नियम आज से लागू हो गया है.
दिल्ली मेट्रो की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया कि यात्री मेट्रो का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ बहुत जरूरी होने पर ही करें. इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यात्रीगण मेट्रो में सफर करते वक्त भी सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखें. मेट्रो में या स्टेशन पर यात्रा करते समय कृपया एक-दूसरे से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें.
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दिल्ली मेट्रो की ओर से जारी की गई 8 प्वाइंट एडवाइजरी के मुताबिक, मेट्रो में अब खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और बैठते वक्त भी यात्रियों को बीच में एक सीट छोड़कर बैठने की हिदायत दी गई है. इसके साथ ही मेट्रो में सफर कर रहे यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग सभी मेट्रो स्टेशनों पर की जाएगी. यदि किसी को बुखार है या कोरोना वायरस का कोई लक्षण दिखाई देता है, तो उसे चिकित्सा परीक्षण और क्वारेंटाइन के लिए भेजा जाएगा.