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जम्मू में डबल टेरर अटैक! 'लो प्रोफाइल' जनरल बाजवा की 'धमाकेदार' एंट्री

मंगलवार को पाकिस्तान में नए सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने कमान संभाल ली और जनरल राहिल शरीफ की विदाई हो गई. लेकिन मंगलवार को ही जम्मू में जिस तरह ताबड़तोड़ आतंकी हमले हुए, उसने पाकिस्तान के नापाक मंसूबों का भी इशारा दे दिया है.

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क़मर बाजवा और राहिल शरीफ क़मर बाजवा और राहिल शरीफ

मंगलवार को पाकिस्तान में नए सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने कमान संभाल ली और जनरल राहिल शरीफ की विदाई हो गई. लेकिन मंगलवार को ही जम्मू में जिस तरह ताबड़तोड़ आतंकी हमले हुए, उसने पाकिस्तान के नापाक मंसूबों का भी इशारा दे दिया है.

पाकिस्तान में सेना के नए मुखिया की ताजपोशी के वक्त जम्मू में दो अलग-अलग जगहों पर आतंकी हमले हुए. इन हमलों में भारतीय सेना के 8 जवान शहीद हो गए. नए जनरल की ताजपोशी और जम्मू में आतंकी साजिशों का कोई रिश्ता ना हो ये मानना मुश्किल है. क्योंकि पाकिस्तान आर्मी के नए मुखिया, पुराने जनरल के भी भरोसेमंद हैं. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ बाजवा को नया आर्मी चीफ बना भी तभी पाए...जब उनकी पसंद को मंगलवार को ही आर्मी पद से रिटायर हुए राहिल शरीफ ने भी हरी झंडी दिखाई.

नवाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना के 16वें सेना प्रमुख के तौर पर बाजवा को चुना तो कहा गया कि ये 'लो प्रोफाइल' अफसर रहे हैं. बाजवा की नियुक्ति पर मुहर लगने के बाद पाकिस्तानी मीडिया ने भी कहा कि बाजवा को इसलिए चुना गया क्योंकि पीएम नवाज शरीफ ऐसा आर्मी चीफ चाहते थे जो मिलिट्री के काम का एक्सपर्ट तो हो लेकिन देश में लोकतंत्र का भी समर्थक हो.

बाजवा पाकिस्तानी सेना में ट्रेनिंग विंग के मुखिया रहे हैं. साथ ही वो पाकिस्तानी सेना के 10वें कोर के कमांडर भी रह चुके हैं. कोर 10 पाकिस्तानी सेना का वो हिस्सा है जो भारत से सटे बॉर्डर पर और लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात रहता है. इतना ही नहीं बाजवा पर एलओसी से सटे उत्तरी इलाकों में फोर्स कमांडर की जिम्मेदारी भी रही है.

बाजवा को कश्मीर मसले पर लंबा अनुभव रहा है और शायद यही वजह है कि उनकी नियुक्ति के बाद पाकिस्तान में फिर से उम्मीदों की बयार बहने लगी है. पाकिस्तान में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि मौजूदा हालात में बाजवा भारत को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सबसे सही कमांडर साबित होंगे. इन हकीकतों के बाद बाजवा की ताजपोशी और जम्मू में डबल टेरर अटैक का रिश्ता खुद अपनी कहानी बयां कर देता है.

इतना ही नहीं रिटायरमेंट से ऐन पहले राहिल शरीफ भी बाजवा को साजिश का अपना मंत्र दे चुके हैं. राहिल शरीफ ने रिटायरमेंट से 5 दिन पहले कहा था कि अगर पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया तो भारत की पुश्तें इसे भुला नहीं पाएंगी. भारत अपनी आने वाली पीढ़ियों को सिलेबस में पढ़ाएगा कि सर्जिकल स्ट्राइक के मायने क्या होते हैं.

राहिल जब रिटायर हो रहे थे, तो फिर इस गीदड़ भभकी के मायने क्या थे. क्या ये नए जनरल को संदेश था कि उसे भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना है, जो राहिल शरीफ नहीं ले सके. क्या पाकिस्तान के नए जनरल क़मर बाजवा के कुर्सी संभालने के दिन जम्मू में हुए आतंकी हमले इसी साजिश का आगाज हैं.

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