तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के 48 हजार हड़ताली कर्मचारियों को सूबे के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने बर्खास्त कर दिया है. इसके बाद से टीएसआरटीसी के कर्मचारियों का गुस्सा और तनाव काफी बढ़ गया है.
नौकरी जाने से तनाव में आए टीएसआरटीसी के ड्राइवर और कंडक्टर खुदकुशी जैसा घातक कदम उठा रहे हैं. अब तक टीएसआरटीसी के बर्खास्त तीन कर्मचारी जान दे चुके हैं.
Telangana: Road Transport Corporation (RTC) employees hold candle light march protest at Musheerabad RTC Depot
in Hyderabad, against the death of a driver of Telangana State Road Transport Corporation, who set himself ablaze in Khammam. pic.twitter.com/PlciQgvSN6
— ANI (@ANI) October 13, 2019
टीएसआरटीसी के चालक श्रीनिवास रेड्डी ने आत्मदाह कर लिया, जबकि चालक डोड्डामोइना कोमरैया का दिल की दौरा पड़ने से मौत हो गई. इसके अलावा एक कंडक्टर ने भी अपनी जान दे दी है. कंडक्टर की पहचान सुदर्शन गौड़ के रूप में हुई है. सुदर्शन गौड़ हैदराबाद के रानीगंज डिपो में तैनात थे.
Telangana: Road Transport Corporation (RTC) employees took up Vanta Varpu (cooking on roads) programme in Yadagirigutta today to show their protest against the death of a driver of Telangana State Road Transport Corporation, who set himself ablaze in Khammam. pic.twitter.com/TOrAEpEExD
— ANI (@ANI) October 13, 2019
श्रीनिवास रेड्डी ने शनिवार को खम्मान शहर में खुद को आग लगाई थी, जिससे वो गंभीर रूप से झुलस गए थे. इसके बाद उनको हैदराबाद स्थित अपोलो डीआरडीओ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी रविवार को मौत हो गई.
वहीं, बीजेपी ने टीएसआरटीसी के कर्मचारियों की मौत पर दुख जताया है. साथ ही मामले को राज्यपाल के समक्ष उठाने की बात कही है. बीजेपी ने टीएसआरटीसी के कर्मचारियों की मौत के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव को जिम्मेदार ठहराया है.
वहीं, सीएम चंद्रशेखर राव द्वारा बर्खास्त किए जाने के बाद से टीएसआरटीसी के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है. टीएसआरटीसी के कर्मचारी सड़क पर खाना बना रहे हैं और विरोध प्रदर्शन जारी किए हुए हैं.
इसके अलावा मुशीराबाद में रविवार रात को टीएसआरटीसी के कर्मचारियों ने अपने सहकर्मियों की मौत के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला.