scorecardresearch
 

विश्व कप से पहले गरीबों और वैश्याओं को सड़क से हटायेगा दक्षिण अफ्रीका

फुटबाल विश्व कप की तारीख जैसे जैसे करीब आ रही है मेजबान शहरों के अधिकारी शहरी क्षेत्रों की छवि सुधारने के लिये एक अभियान में जुट गये हैं जिसके तहत वे असामाजिक तत्वों, बेघर बच्चों और वैश्याओं को सड़कों से हटायेंगे.

Advertisement
X

फुटबाल विश्व कप की तारीख जैसे जैसे करीब आ रही है मेजबान शहरों के अधिकारी शहरी क्षेत्रों की छवि सुधारने के लिये एक अभियान में जुट गये हैं जिसके तहत वे असामाजिक तत्वों, बेघर बच्चों और वैश्याओं को सड़कों से हटायेंगे.

दक्षिण अफ्रीका महाद्वीप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसकी सड़कें भिखारियों को आकषिर्त करने का काम करती हैं, जो गरीबी से निकलने की कोशिश के तहत यहां आते हैं. पिछले दो महीनों में जोहानिसबर्ग में पुलिस ने अंधे भिखारियों, विशेषकर जिम्बाब्वे के, और महिलाओं को हटाना शुरू कर दिया है, जो सड़कों पर अपने बच्चों को लेकर चौराहों पर भीख मांगते रहते हैं.

जोहानिसबर्ग मैट्रो पुलिस की प्रवक्ता एडिना मामोनयेन ने कहा, ‘उनकी मौजूदगी से शहर के नियमों का उल्लघंन होता है. हम उन्हें गिरफ्तार करते हैं. कई मामलों में जरूरत पड़ती है तो बच्चों वाली महिलाओं और विकलांग लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाता है, जहां उनके लिये कल्याणकारी सेवायें उपलब्ध होती हैं. मामोनयेन ने कहा, ‘यह रोजमर्रा की होने वाली पुलिस कार्रवाई है, लेकिन हमने विश्व कप को देखते हुए इस अभियान को तेज कर दिया है’.

Advertisement

उन्होंने कहा, ‘वैश्याओं को हटाने में हमें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है, प्रत्येक दिन उन्हें चेतावनी दी जाती है और गिरफ्तार किया जाता है’. इस अभियान से हालांकि सेक्स वर्कर ग्रुप और सड़क के बच्चों के कल्याण कार्य में लगे ग्रुप काफी गुस्से में हैं, जो पुलिस पर गरीबों के अधिकार हनन का आरोप लगा रहे हैं क्योंकि इन्हें ऐसी जगह भेज दिया जाता है जहां सुविधा के नाम पर खराब सेवायें मुहैया करायी जाती हैं. बाल कल्याण समूहों के मुताबिक डरबन की सड़कों पर 400 से ज्यादा बच्चे रहते हैं और इनमें से ज्यादातर को हटा दिया गया है.

Advertisement
Advertisement