26/11 हमलों में मारे गये मुंबई आतंकरोधी बल के प्रमुख हेमंत करकरे और मुठभेड़ विशेषज्ञ विजय सालस्कर की पत्नी क्रमश: कविता करकरे और स्मिता सालस्कर ने सोनिया गांधी से सोमवार को मुलाकात की और अपने अपने पति की मौत के बाद आ रही दिक्कतों से उन्हें अवगत कराया.
घंटे भर तक चली बैठक 26/11 की आतंकवादी हमले की पहली बरसी के तीन दिन पहले यहां हुई. इन हमलों में लगभग 180 लोगों की मौत हो गयी थी. करकरे और सालस्कर कामा अस्पताल के निकट आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए शहीद हो गये थे. कविता करकरे ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें उन्होंने आश्वासन दिया है. पूरी बैठक के दौरान उनका रुख बेहद सहायता और सहानुभूति भरा रहा. हमने शहीदों की सभी समस्याओं पर विचार विमर्श किया.’’ उन्होंने हालांकि बैठक के बारे में विवरण देने से इनकार कर दिया और कहा, ‘‘हम यहां अपनी निजी बातों को सार्वजनिक नहीं करना चाहती.’’
अपने पति की खोई हुई बुलेट प्रूफ जैकेट के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘जैकेटें लापता हो गयी हैं. यह सच है. ऐसा किसी के साथ दोबारा नहीं होना चाहिए.’’ दोनों के साथ महाराष्ट्र के अमरावती जिले के भंडारा चुनाव क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रवि राणा भी इस बैठक में मौजूद थे. इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कविता करकरे की इस मांग पर कि मुंबई आतंकी हमले के एक मात्र जीवित आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी पर लटकाया जाये, कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है. इस मामले में सुनवाई चल रही है. जज को यह फैसला करना है कि क्या सजा दी जाये. पुलिस सबूत पेश करेगी और जज को फैसला करना है. एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि करकरे हमारे लिए सम्मानीय हैं उन्होंने अपनी कुर्बानी दी है. हमारा कर्तव्य बनता है कि उनके परिवार के साथ इज्जत और सम्मान से पेश आएं.