दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली में बाहरी लोगों की लगातार बढ़ती संख्या को बड़ी समस्या बताते हुए केंद्र से मदद की गुहार लगाई है. नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल की बैठक में शीला ने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों की वजह से दिल्ली पर सुविधाओं का बोझ बढ़ रहा है. हालांकि उन्होंने ये भी माना कि बाहरी लोगों की वजह से दिल्ली एक खूबसूरत शहर के तौर पर सामने आई है.
दिल्ली में प्रवासियों के अनियंत्रित आगमन को बडी चुनौती मानते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने गुरुवार को मौजूदा बुनियादी ढांचे और संसाधनों पर जबर्दस्त दबाव के लिए तेजी से बढ़ रही आबादी को दोषी ठहराया. राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में शीला ने कहा कि दिल्ली में अप्रत्याशित चुनौतियां हैं. उन्होंने देश भर से लोगों के अनियंत्रित आगमन को चिन्ता की बड़ी वजह बताया. उन्होंने कहा कि ऊंचा वेतन, बेहतर शैक्षिक एवं स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार के अधिक अवसर ऐसे कुछ कारण हैं जो इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आगमन के लिए जिम्मेदार हैं.
शीला ने कहा कि बढ़ती आबादी ने आवास, स्वच्छता, बिजली, पानी, सीवेज, जन स्वास्थ्य और परिवहन प्रणाली पर जबर्दस्त दबाव डाला है. उन्होंने कहा कि निजी वाहनों की बढ़ती संख्या भी एक अन्य समस्या है जो फिलहाल थमती नहीं नजर आ रही है. विभिन्न चुनौतियों से निपटने में उनकी सरकार को पेश आ रही समस्याओं का जिक्र करते हुए शीला ने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं है और पुलिस एवं भूमि यहां केन्द्र के नियंत्रणाधीन है. उल्लेखनीय है कि शीला पहले मांग कर चुकी हैं कि दिल्ली पुलिस राज्य सरकार के नियंत्रण में की जाए लेकिन इस मांग को वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने खारिज कर दिया था.
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं पर हिंसा और यौन अपराध की हर घटना निन्दनीय है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की सख्त आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक बात है कि इस तरह की घटनाएं दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में अभी भी हो रही हैं. महिलाओं को सुरक्षित महसूस हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने कई कदम उठाये हैं. शीला ने कहा कि दिल्ली पुलिस से आग्रह किया गया है कि वह पीसीआर वैनों की तैनाती बढ़ाये और पुलिसकर्मियों को उचित प्रशिक्षण दे.