सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि मामले में सोमवार को बड़ा फैसला दिया. कोर्ट ने राम मंदिर के टेंट की मरम्मत करने और दूसरी सुविधाएं देने की मंजूरी दे दी है.
दरअसल, 1996 में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित ढांचे के पास किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी थी. इस वजह से यहां मरम्मत तक का काम नहीं किया जा रहा था.
अब कोर्ट ने मरम्मत का जिम्मा फैजाबाद के जिला कलेक्टर को सौंपा है. इस दौरान स्थानीय अदालत के दो स्वतंत्र पर्यवेक्षक निगरानी करेंगे.
संभव हो तो कुछ कीजिए
जस्टिस एआर दवे और कुरियन जोसेफ की बेंच ने कहा कि
'अगर संभव हो तो इस जगह के संरक्षण के लिए कुछ कीजिए. यात्रियों
को सुविधाएं दीजिए.' इससे पहले कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार
से अयोध्या में विवादित ढांचे के पास बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने को
कहा था.
स्वामी ने लगाई थी याचिका
भाजपा नेता
सुब्रमण्यम स्वामी ने याचिका दाखिल कर यात्रियों को सुविधाएं देने की
मांग की थी. याचिका में कहा गया था कि रामभक्तों को पीने का पानी
और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं.