गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू-कश्मीर के पंचायत चुनाव को लेकर बताया कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के दबाव में पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने से मना कर दिया था. उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव नहीं कराने को लेकर आतंकियों ने भी धमकी दी थी, इसके बावजूद वहां पर सफलतापूर्वक पंचायत चुनाव कराया गया.
उन्होंने बताया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमलोग जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव कराना चाहते हैं. मैं प्रोटोकॉल तोड़कर उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के आवास पर गया. उन्होंने पाकिस्तान के दबाव में इसमें हिस्सा लेने से मना कर दिया. आतंकियों ने भी धमकी दी थी, इसके बावजूद चुनाव सफलतापूर्वक कराए गए.'
PM had said that we will conduct panchayat elections (in J&K). I broke protocol & went to Omar Abdullah &Mehbooba Mufti's residence. They refused to participate under Pakistan's pressure. Terrorists also threatened yet election was held successfully: SP Malik, former J&K Governor pic.twitter.com/4o9BcLJZMV
— ANI (@ANI) May 23, 2020
उन्होंने आगे कहा कि 'जब मैं जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल था तब मैंने सभी के लिए राजभवन के दरवाजे खोल दिए थे. मेरे सभी सलाहकारों को हफ्ते में एक बार लोगों की शिकायतें सुनने का काम दिया गया था. मेरे ऑफिस में 95,000 शिकायतें आई थीं. गोवा आने से पहले मैंने 93,000 शिकायतों का निपटारा किया. इससे लोगों को अच्छा महसूस हुआ और उनका गुस्सा कम हो गया.'
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
वहीं गोवा में पर्यटन उद्दोग की मंदी को लेकर राज्यपाल ने कहा कि यह लंबे समय तक नहीं रहने वाला है, क्योंकि घरेलू टूरिस्टों के लिए इसे खोल दिया जाएगा. बाद में विदेशी सैलानी भी आने लगेंगे. धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा. उन्होंने कहा, 'गोवा कोरोना मुक्त है इसलिए यहां घरेलू टूरिस्ट आएंगे. विदेशी सैलानियों की वापसी में अभी वक्त लगेगा. लेकिन जल्द ही उनके वापस आने का रास्ता साफ हो जाएगा. इसलिए लंबे समय तक पर्यटन उद्योग को घाटा नहीं होने वाला है.'