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संजय दत्त को कट्टरपंथी ताकतों से जान का खतरा!

संजय दत्त के सरेंडर की घड़ी नजदीक आ चुकी है, महज कुछ घंटे ही बचे हैं. गुरुवार की शाम तक संजू बाबा को सरेंडर करना होगा. टाडा कोर्ट में संजय दत्त ने अर्जी डाल दी है.

संजय दत्त संजय दत्त

संजय दत्त के सरेंडर की घड़ी नजदीक आ चुकी है, महज कुछ घंटे ही बचे हैं. गुरुवार की शाम तक संजू बाबा को सरेंडर करना होगा. टाडा कोर्ट में संजय दत्त ने अर्जी डाल दी है.

संजय दत्त ने कोर्ट की बजाए सीधे यरवडा जेल में सरेंडर करने की इजाजत मांगी है. कोर्ट ने गुरुवार को होने वाली सुनवाई में सीबीआई से जवाब तलब किया है.

मीडिया को लिखे पत्र में छलका संजय का दर्द...

आजाद हवा में जीने की मियाद पूरी हो चुकी है, थोड़ी और राहत पाने की छटपटाहट के भी अब कोई मायने नहीं, फैसला हो चुका है. गुरुवार शाम 4 बजे तक संजय दत्त को टाडा कोर्ट में सरेंडर करना है, लेकिन संजय दत्त को अदालत में सरेंडर करने से डर लग रहा है. उनके वकीलों ने टाडा कोर्ट में अर्जी डाल दी है.

याचिका के पीछे संजय दत्त की दलील
दलील नंबर 1- संजय दत्त को कट्टरपंथी ताकतों से अपनी जान पर खतरा महसूस हो रहा है.
दलील नंबर 2- वो नहीं चाहते कि कोर्ट से जेल ले जाने तक मीडिया के कैमरे उनका पीछा करते रहें और कोई हादसा हो जाए.

पिछली बार जब संजू बाबा जब गिरफ्तार हुए थे तो मीडिया उनके पीछे लग गई थी. इस वजह से उन्हें 120 किलोमीटर की रफ्तार से गाड़ी भगानी पड़ी थी. इससे जानलेवा दुर्घटना का खतरा हो सकता है.

बुधवार को सीबीआई को कोर्ट में अपना जवाब देना है और सीबीआई ये कहने का मन बना चुकी है कि संजय दत्त की दलीलें गौर करने लायक ही नहीं है. संजू बाबा को उम्मीद जरूर होगी कि जैसे पहले कोर्ट ने उनकी सुनी, उसी तरह ये अरज भी सुनी जाएगी.

वैसे थोड़ी और मोहलत पाने की आखिरी कोशिश भी नाकाम हो चुकी है. फिल्म पुलिसगीरी के प्रोड्यूसर ने फिल्म के कुछ बाकी कामों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

संजय दत्त 18 महीने का वक्त पहले भी जेल में गुजार चुके हैं लेकिन इस बार मियाद लंबी है. उम्र के इस पड़ाव पर जिंदगी के 42 महीने यानी साढ़े तीन साल उन्हें कैदी की तरह काटने होंगे.

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