केंद्र में मोदी सरकार की सहयोगी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने प्रधान महासचिव और दो उपाध्यक्षों सहित 37 पार्टी पदाधिकारियों के नाम की घोषणा की. सोमवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने नए नामों का ऐलान किया.
कुशवाहा ने बताया कि राम बिहारी सिंह को पार्टी का प्रधान महासचिव बनाया गया है. शंकर झा आजाद और दशई चौधरी उपाध्यक्ष बनाए गए हैं. पार्टी प्रवक्ता फजल ईमाम मल्लिक सहित 17 नेताओं को पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
आपको बता दें कि रामबिहारी सिंह 2013 में गठित रालोसपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं. उपेंद्र कुशवाहा और रामबिहारी सिंह ने एक साथ जदयू से नाता तोड़ा था. रामबिहारी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा के संबंध समता पार्टी और जदयू से ही बेहतर हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में राम बिहारी सिंह रालोसपा के टिकट पर बक्सर जिले के डुमरांव से चुनावी मैदान में थे. वे खुद को राज्य में समाजवादी नेता और कार्यकर्ता की श्रेणी में रखते हैं. रामबिहारी सिंह के कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के साथ बेहतर संबंध रहे हैं.
काफी समय से लंबित था चुनाव
उपेंद्र कुशवाहा और अरुण कुमार के बीच मतभेद और अंदरूनी विवाद के कारण संगठन के अधिकारियों का चुनाव काफी समय से लंबित था. जहानाबाद से सांसद अरुण कुमार को अनुशासनहीनता के आरोप में बीते अगस्त में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था. इसके बाद पार्टी में दो फाड़ हो गई थी. अरुण कुमार के समर्थक गुट ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करते हुए दावा किया था कि असली पार्टी उनके पास ही है.
हालांकि अरुण कुमार गुट के इस दावे को पटना हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. 18 सितंबर को राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने भूदेव चौधरी को बिहार ईकाई का अध्यक्ष चुना. वहीं, 25 सितंबर को उपेंद्र कुशवाहा को फिर से सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया. अक्टूबर के पहले हफ्ते में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी की बिहार ईकाई के 122 पदाधिकारियों की लिस्ट जारी हुई.