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रेलवे की हाईप्रोफाइल टीम पता लगाएगी कि क्यों बढ़े रेल हादसे...

रेल मंत्रालय की हाईप्रोफाइल टीम कानपुर और आसपास के इलाकों में शनिवार और रविवार को दौरा करेगी. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन उन सभी जगहों पर जाएंगे जहां पर हाल-फिलहाल में ट्रेनें पटरी से उतरी हैं. रेलवे बोर्ड के सदस्यों के साख-साथ इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल टीम के मेंबर भी इसमें शामिल हैं.

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के आसपास बार-बार हो रहे थे रेल हादसों से रेल मंत्री सुरेश प्रभु की नींद उड़ी हुई है. रेलमंत्री की पहल पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए.के. मित्तल कई आला अफसरों के साथ कानपुर रवाना हो गए हैं. रेल मंत्रालय की हाईप्रोफाइल टीम कानपुर और आसपास के इलाकों में शनिवार और रविवार को दौरा करेगी. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन उन सभी जगहों पर जाएंगे जहां पर हाल-फिलहाल में ट्रेनें पटरी से उतरी हैं. रेलवे बोर्ड के सदस्यों के साख-साथ इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल टीम के मेंबर भी इसमें शामिल हैं. सभी का मकसद इस बात का पता लगाना कि चूक कहां पर हो रही है.

दरअसल कानपुर और आसपास के इलाकों में पटरी से बार-बार उतर रही ट्रेनें भारतीय रेलवे के लिए चिंता का सबब बनती जा रही हैं. पहले पुखरायां के पास भयानक रेल हादसे मैं डेढ़ सौ लोगों की मौत और फिर उसके बाद रूरा रेलवे स्टेशन के पास सियालदह अजमेर एक्सप्रेस का पटरी से उतरना. इसी के साथ कानपुर के पास पटरी काटने की एक नाकाम कोशिश और फिर 12 जनवरी को एक मालगाड़ी के कई डिब्बों का पटरी से उतरना.
यह सारी की सारी घटनाएं उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के आस-पास ही हुई हैं. बार-बार हो रही दुर्घटनाओं से रेल मंत्री सुरेश प्रभु काफी परेशान हैं. उनकी परेशानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है पुखरायां रेल हादसे के बाद बैठकों पर बैठक का दौर जारी है लेकिन दिक्कत यह है हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे. ऐसे में रेल मंत्री को भी समझ में नहीं आ रहा है कि वे क्या करें.

रेलवे ने जापान और दक्षिण कोरिया से मांगी है मदद
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आनन फानन में जापान और दक्षिण कोरिया से भी इस मामले में मदद मांगी है. जापान सरकार ने अपने विशेषज्ञों की एक टीम पिछले सप्ताह ही भारत के लिए रवाना कर दी थी और इन विशेषज्ञों के साथ रेल मंत्रालय की दो दौर की बातचीत भी हो चुकी है. जापानी विशेषज्ञ भारत में हो रहे रेल हादसों के बारे में अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही मंत्रालय को सौपेंगे. इन सबके बीच ऐसा कहां जा रहा है 26 जनवरी को दक्षिण कोरिया से विशेषज्ञों की टीम भारत आ रही है. यह टीम भी रेल मंत्रालय के साथ बैठक करेगी.

इटली से भी कर रहे हैं बातचीत
रेल मंत्री सुरेश प्रभु की चिंता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जापान और दक्षिण कोरिया से बातचीत करने के बावजूद उन्होंने इटली से भी मदद मांगी है. जहां एक तरफ रेल मंत्रालय में बढ़ते हुए हादसों को लेकर छटपटाहट है वहीं दूसरी तरफ उनको कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर चूक कहां पर हो रही है. पिछले दिनों रेल राज्यमंत्री ने रेलवे गैंगमेन के साथ सीधी बातचीत की थी जिसमें तमाम सुझाव उन्हें मिले थे. इनके आधार पर यह कहा गया कि अगर पुराने ढर्रे के हिसाब से रेलवे ट्रैक की चौकसी चाक-चौबंद की जाए तो इस तरह के रेल हादसों पर लगाम लगाई जा सकती है.


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