प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार शीतकालीन सत्र से पहले कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार दिवाली के बाद संसद सत्र शुरू होने से पहले किया जा सकता है. शीतकालीन सत्र दिसंबर में शुरू होगा.
गौरतलब है कि मनमोहन मंत्रिमंडल में 81 सदस्य थे जबकि वर्तमान मंत्रिमंडल में 44 सदस्य हैं. इसमें 33 कैबिनेट मंत्री, 10 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 12 राज्य मंत्री हैं. मोदी के 'मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' के नारे के बाद से ही ये अंदाजा लगाया जा रहा था कि मंत्रिमंडल छोटा ही रखा जाएगा. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार वर्तमान कैबिनेट में कई मंत्रियों के पास अतिरिक्त प्रभार है, जिससे वो एक मंत्रालय पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं. गौरतलब है कि अरुण जेटली के पास वित्त, रक्षा के साथ कार्पोरेट जबकि नितिन गडकरी के पास परिवहन और ग्रामीण विकास मंत्रालय है. राज्य मंत्री निर्मला सीतारमन के पास भी कामर्स के साथ-साथ वित्त मंत्रालय का भी स्वतंत्र प्रभार है.
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार बीजेपी के कई सांसदों से नीतिगत मामलों पर राय ली जाती है मगर अब शायद वक्त आ गया है कि हम मंत्रिमंडल विस्तार कर मंत्रियों के बेहतर इस्तेमाल के बारे में सोचें. बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ नये चेहरों को मौका मिल सकता है. इसमें पहली बार सांसद बने जयंत सिन्हा, पूर्व गृह सचिव आरके सिंह का नाम भी सामने आ रहा है.