राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद की शानदार जीत के बाद उनका गांव और बचपन का स्कूल जश्न में डूब गया. कानपुर के कल्यानपुर में महाऋषि दयानन्द मोहल्ला स्थित रामनाथ कोविंद के घर में जीत का जश्न मनाया जा रहा है. घर को झालरों से सजाया गया है. टेन्ट और कुर्सियां लगाकर पूरे मोहल्ले के लोग जश्न मनाने को एकजुट हो रहे हैं. पड़ोसी ढोल बजाकर डांस और आतिशबाजी कर रहे है. रामनाथ कोविंद का यहां पहला घर है, जो उन्होंने गांव से आने के बाद खुद अपनी कमाई से बनवाया था. यहीं पर उनके बच्चों के जन्म हुए थे. उनके परिवार के सदस्य यहां रहते थे. हालांकि बाद में वे दिल्ली में रहने लगे.
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पड़ोस में रहने वाली गीता निषाद का कहना है कि वह हमारे पड़ोसी है. उनके राष्ट्रपति बनने की ख़ुशी में हमने घर को सजाया है. उनसे हमारे पहले से अच्छे संबंध हैं. कोविंद ने जिस डीएवी कॉलेज से पढ़ाई की थी, वहां के प्रिंसपल अमित कुमार श्रीवास्तव ने इस मौके पर मिठाई बांटी है. श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर का गौरव और डीएवी कॉलेज की शान रामनाथ कोविंद की जीतने की ख़ुशी में स्कूल प्रशासन ने बच्चों को मिठाई बांटी. उन्होंने कहा कि हम लोग कोविंद को बधाई देते है. साथ ही उनसे आग्राह करते है कि कॉलेज आकर बच्चों का मनोबल बढाएं.
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर गुना में भी जश्न का माहौल है. दरअसल, गुना में रामनाथ कोविंद के बड़े भाई रामस्वरूप भारती का निवास है. आजतक से विशेष बातचीत में रामस्वरूप भारती ने अपने छोटे भाई कोविंद को परिणाम आने से पहले शुभकामनाएं प्रेषित की है. साथ ही ईमानदारी से काम करते हुए देशसेवा करने की बात भी कही है. गुना में अगले छह महीने के भीतर रामनाथ कोविंद के आगमन को लेकर भी भारती ने तैयारियां शुरू कर दी है. वहीँ, रामस्वरूप भारती ने कोविंद की संघ से नज़दीकियों का भी जिक्र करते हुए उन्हें अनुशासित बताया.