मराठी व गैरमराठी विवाद पर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मिलकर अपनी एकजुटता दिखा चुके बिहार के राजनीतिक दलों के प्रमुखों कलई खुलने लगी है. जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के सभी सांसदों द्वारा लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद गरमाई बिहार की राजनीति में अब पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है.
राज्य के सभी राजनीतिक दल मुंबई में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमले का विरोध करने के साथ दूसरी पार्टियों पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे हैं. बिहार में जदयू के मुख्य प्रवक्ता विजय कुमार चौधरी ने बताया कि पार्टी के सांसदों ने केंद्र सरकार पर महाराष्ट्र सरकार पर कार्रवाई करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से त्यागपत्र दिया है. इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक कोई सार्थक पहल नहीं की है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के विधायकों से इस्तीफा दिलाने की बात कह रहे हैं जबकि यह पूरा मामला केंद्र सरकार का है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि सभी दल महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रहे हैं जबकि लालू जी यहां राष्ट्रपति शासन लगाने की योजना बना रहे हैं.
उधर राजद के विधायक सह प्रवक्ता श्याम रजक का कहना है कि बिहार के लोगों के सम्मान और देश की एकता और अखंडता के सवाल पर बिहार के सभी नेता एक हैं.