पाकिस्तान फिर बेनकाब हुआ है. मुंबई हमले में पाकिस्तान की साजिश फिर बेपर्दा हुई है. मुंबई हमले को नॉन स्टेट एक्टर्स की करतूत बताने वाला पाकिस्तान इस बार अमेरिका के एक सांसद के बयान से फंसता दिख रहा है.
अमेरिकी सांसद गैरी एकरमैन ने कहा है कि पाकिस्तान फौज मुंबई हमले में पकड़े गए एकमात्र जिंदा आतंकवादी कसाब के घरवालों को डेढ़ करोड़ का मुआवजा देने वाली है. पाकिस्तान एक तरफ आतंकवाद से लड़ने का राग अलापता है और दूसरी तरफ भारत के दुश्मनों को आर्थिक मदद दे रहा है. इस बार पाकिस्तान के खौफनाक गेमप्लान का खुलासा भारत ने नहीं बल्कि अमेरिकी सांसद ने किया है.
मुंबई में कसाब के खिलाफ केस चल रहा है. वो अपना गुनाह भी कबूल चुका है और पाकिस्तान की साजिश को बेपर्दा भी कर चुका है. हालांकि अब तक कसाब कई बार अपना बय़ान बदल चुका है लेकिन उसके खिलाफ सबूत बेहद ठोस हैं. यही वजह है कि पाकिस्तान लगातार इस बात से इनकार करता रहा कि कसाब वहां का निवासी है. लेकिन, अब अमेरिकी सांसद गैरी एकरमैन ने सनसनीखेज खुलासा किया है.
ऐसा खुलासा जिसका जवाब देना पाकिस्तान के लिए मुश्किल हो जाएगा. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में दक्षिण एशिया मामलों की उप समिति के अध्यक्ष गैरी एकरमैन ने अमेरिका कांग्रेस को बताया कि इस पर संदेह करने का कोई सवाल ही नहीं उठता कि पाकिस्तानी फौज मुंबई पर हमला करने वाले आतंकियों के घरवालों को मुआवजा देने जा रही है. एकरमैन का ये बयान अपने आप में बेहद सनसनीखेज है.
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी फौज ने 26/11 के एकमात्र जिंदा आतंकी कसाब के घरवालों को डेढ़ करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है. यही नहीं, उसके घरवालों को हर महीने भी मोटी रकम दी जा रही है. जाहिर है अमेरिकी सांसद के बयान को यूं ही खारिज नहीं किया जा सकता. {mospagebreak}
चूंकि 9/11 के बाद आतंकवाद के खिलाफ जंग में पाकिस्तान अमेरिका का अहम साथी है ऐसे में अगर अमेरिका का कोई जिम्मेदार सांसद पाकिस्तान की प्रतिबद्धता पर उंगली उठा रहा है तो यकीनन इसमें कहीं-ना-कहीं सच्चाई है. यूं तो पाकिस्तान की नीयत और 26/11 में सीमापार की संलिप्तता पर भारत लगातार उंगली उठाता रहा है, लेकिन एकरमैन के बयान से यकीनन भारत को दुनिया के सामने पाक को बेनकाब करने में मदद मिलेगी.
पाक फौज का मुआवजा सिर्फ कसाब के घरवालों को नहीं मिलने जा रहा बल्कि 26/11 के बाकी 9 मुजरिमों के घरवालों को भी मिलने वाला है. यकीनन एकरमैन का बयान सनसनीखेज है और पाकिस्तान की नीयत पर बड़े सवाल खड़े करता है. मुंबई हमाले में आधिकारिक तौर पर कम से कम 173 लोग मारे गए थे. पहले तो पाकिस्तान इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार करता रहा. लेकिन हमले के बाद जब पाकिस्तान में बैठे आकाओं से मुंबई पर हमला करने वाले आतंकवादियों की बातचीत का खुलासा हुआ तो सामने आया इस खौफनाक साजिश में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाक फौज के कुछ लोगों के नाम.
लेकिन, फिर भी पाकिस्तान अपना दामन बचाता रहा. सबूतों का पुलिंदा सौंपने के बावजूद पाकिस्तान खुद को पाक साफ कहता रहा है. लेकिन अब क्या सफाई देगा पाकिस्तान. अब तो अमेरिका के सांसद ने उठा दिए हैं पाकिस्तान की नीयत पर सवाल. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में दक्षिण एशिया मामलों की उप समिति के अध्यक्ष गैरी एकरमैन ने संसद को बताया कि मुंबई पर हमला करने वाले आतंकवादियों के परिवारों को पाकिस्तान मुआवज़ा दे रहा है. पाक फौज ने पहले तो दसों आतंकियों के परिजनों को डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये दिए और उसके बाद हर महीने भी उन्हें पैसे दिए जा रहे हैं. एकरमैन ने ये सनसनीखेज आरोप लश्करे तैयबा के बारे में अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए लगाया.