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कैबिनेट मीटिंग में गन्ना किसानों से लेकर आधार तक लिए गए ये महत्वपूर्ण फैसले

केंद्रीय कैबिनेट ने 1 अगस्त 2019 से 31 जुलाई 2020 तक एक वर्ष की अवधि के लिए 40 LMT चीनी के बफर स्टॉक को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने गन्ना किसानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण फैसला किया है.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर (फोटो-PIB) केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर (फोटो-PIB)

  • CCEA ने 40 LMT चीनी के बफर स्टॉक के निर्माण को मंजूरी दी
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑक्युपेशनल हेल्थ और NIMH का विलय
  • आधार और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक को मंजूरी
  • राज्यों को सब्सिडी देने के लिए भी आधार का प्रयोग होगा

केंद्रीय कैबिनेट ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनर्स हेल्थ और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑक्युपेशनल हेल्थ के विलय को मंजूरी दे दी है. साथ ही कैबिनेट ने आधार कार्ड और अन्य कानूनों से जुड़े संशोधन बिल को पास कर दिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने 1 अगस्त 2019 से 31 जुलाई 2020 तक एक वर्ष की अवधि के लिए 40 LMT चीनी के बफर स्टॉक के निर्माण को मंजूरी दे दी है. साथ ही कैबिनेट ने गन्ना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला किया है.

कैबिनेट ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि गन्ने के ज्यादा पैदावार से दो नुकसान होते हैं. या तो चीनी के दाम कम होते हैं या चीनी का स्टॉक पड़ा रहता है. इसलिए 50 लाख टन का चीनी का बफर स्टॉक बनाने का फैसला हुआ है. इस बार भी सीएसीपी की रिपोर्ट स्वीकार की गई है. गन्ना किसानों के लिए इस साल भी 275 रुपये प्रति क्विंटल एफआरपी तय की गई है.

कैबिनेट की ब्रीफिंग में जानकारी दी गई कि फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर (एफएसीटी) की 481.79 एकड़ जमीन केरल सरकार को बेचने का फैसला हुआ है. केंद्रीय कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है. एफएसीटी की ओर से बिक्री की प्रक्रिया शुरू करने को मंजूरी दे दी गई है. कैबिनेट ने यह फैसला भी लिया है कि राज्यों को सब्सिडी देने के लिए आधार का उपयोग होगा. इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी. आधार का उपयोग होने से अनुचित लोगों को राशि का आवंटन नहीं होगा.

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