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कैबिनेट की नई टेलिकॉम नीति को मंजूरी, चीनी उद्योग के लिए 5538 Cr. का पैकेज

केंद्रीय कैबिनेट के बुधवार को हुई बैठक में कई बड़े ऐलान किए. इसमें कुछ नए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.

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वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो, PIB)
वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो, PIB)

केन्द्र की नरेंद्र मोदी कैबिनेट की बुधवार को बैठक हुई. इस बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई. केन्द्र सरकार ने चीनी क्षेत्र के लिए 5538 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है, साथ ही नेशनल मेडिकल काउंसिल और नेशनल डिजिटल टेलिकॉम पॉलिसी को मंजूरी दी गई है.

कैबिनेट के मुख्य फैसले क्या रहे, यहां पढ़ें...

> छत्तीसगढ़ में नई इलेक्ट्रॉनिक रेल लाइन के लिए 5950 करोड़ रुपए का ऐलान

> चीनी क्षेत्र के लिए 5538 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान

> पाटलिपुत्र अशोक होटल पटना, गुलमर्ग को राज्य सरकार को वापस दिया जाएगा

> कैबिनेट ने नेशनल मेडिकल काउंसिल को मंजूरी दी, राष्ट्रपति से भी मंजूरी हुई

> नेशनल डिजिटल टेलिकॉम पॉलिसी मंजूरी दी गई, इसके तहत ब्राडबैंड टू ऑल और 40 लाख रोजगार का लक्ष्य.

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> पटना एयरपोर्ट पर नया डोमेस्टिक टर्मिनल बनाने का कैबिनेट ने मंजूरी दी है, 1216 करोड़ का बजट पास

> सरहिंद फीडर और राजस्थान फीडर की री-लाइनिंग को मंजूरी.

> GSTN जो कि GST से जुड़ा हुआ एक सॉफ्टवेयर है वह पूरी तरह से सरकार के अंतर्गत आएगा. इसमें राज्य और केंद्र सरकारें 50-50 फीसदी शेयर रखेंगी.

चीनी क्षेत्र के लिए पैकेज में क्या

सरकार ने बुधवार को चीनी उद्योग के लिए पैकेज को मंजूरी दी. इसके तहत गन्ना किसानों को उत्पादन सहायता में दोगुना की वृद्धि की गई है जबकि वर्ष 2018-19 के लिए 50 लाख टन के निर्यात के लिए मिलों को परिवहन सब्सिडी शामिल है.

इसमें चीनी मिलों को गन्ना के बकाये के भुगतान में सहयोग के लिए देश में इस समय चीनी के बेशी भंडार की समस्या के समाधान का प्रस्ताव है. मिलों पर गन्ना किसानों का इस समय करीब करीब 13,000 करोड़ रुपये का बकाया है.

देश में अत्यधिक चीनी उत्पादन की स्थिति से निपटने की वृहद नीति के तहत मंत्रालय ने गन्ने के उत्पादन की लागत के असर को कम करने के लिए उत्पादकों को 2018-19 के विपणन वर्ष के लिए दी जाने वाली उत्पादन सहायता बढ़ाकर 13.88 रुपये प्रति क्विंटल करने का प्रस्ताव दिया था.

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