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सरदार पटेल ने 1950 में ही जताई थी 62 के युद्ध की आशंका: मनोहर पर्रिकर

पर्रिकर ने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर उस समय सरदार पटेल की बातों पर ध्यान दिया जाता तो कश्मीर की आज यह स्थिति नहीं होती.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए लग रहा है BJP के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहीं अधिक सरदार वल्लभ भाई पटेल पर निर्भर हो गई है. इसीलिए हर दूसरे दिन बीजेपी का कोई न कोई नेता सरदार पटेल के गुणगान नजर आ जाता है.

अब गोवा के मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री रह चुके मनोहर पर्रिकर ने सरदार पटेल को लेकर नया खुलासा किया है. पर्रिकर का कहना है कि देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल ने 1950 में ही चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध होने की आशंका व्यक्त कर दी थी.

प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर मंगलवार को पूरे देश में भव्य समारोहों का आयोजन किया और 'रन फॉर यूनिटी' रेस भी आयोजित की. पर्रिकर ने भी पणजी में सरदार पटेल की 142वीं जयंती पर आयोजित समारोह में पटेल को लेकर यह बयान दिया.

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पर्रिकर ने कहा, "सरदार पटेल ने चीन और पाकिस्तान के साथ होने वाले युद्ध की आशंका 1950 में ही जता दी थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पटेल ने तीन पेज की चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने डोकलाम में भी समस्या खड़ी होने की आशंका जाहिर की थी."

पर्रिकर ने कहा कि रक्षामंत्री रहते हुए उन्हें सरदार पटेल के बारे में पढ़ने का अवसर मिला.

उन्होंने कहा, "जवाहरलाल नेहरू की लिखी उनकी एक चिट्ठी मैंने पढ़ी. इस चिट्ठी में हमारे देश की उत्तरी सीमा से लगे शत्रुओं के बारे में जिक्र किया गया है. 1950 में ही सरदार पटेल ने 1965 में चीन और फिर पाकिस्तान के साथ युद्ध होने की आशंका जाहिर कर दी थी. उनकी भविष्यवाणी बिल्कुल सटीक साबित हुई."

पर्रिकर ने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर उस समय सरदार पटेल की बातों पर ध्यान दिया जाता तो कश्मीर की आज यह स्थिति नहीं होती.

ज्ञात हो कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 और 1971 में दो बार युद्ध हुआ और चीन के साथ भारत को 1962 में जंग लड़नी पड़ी थी. वहीं सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में भारत को चीन के बीच हाल ही में काफी लंबा गतिरोध चला था.

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