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लद्दाख में बेहद खास होगी ईद, तैयारियों को लेकर बाजारों में जबरदस्त रौनक

केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में ईद की तैयारियां तेजी से चल रही हैं. लद्दाख के एक हिस्से में ईद को लेकर जश्न का माहौल है. पढ़िए लद्दाख की ग्राउंड रिपोर्ट.....

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सांकेतिक तस्वीर (Courtesy- ANI)
सांकेतिक तस्वीर (Courtesy- ANI)

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद अब सबकी नजर 12 तारीख को मनाई जाने वाली ईद पर है. कश्मीर घाटी में हालात सामान्य हो रहे हैं, जबकि जम्मू में जिंदगी पटरी पर लौट चुकी है. वहीं लद्दाख के एक हिस्से में ईद को लेकर जश्न का माहौल है. 12 अगस्त को मनाई जाने वाली ईद के लिए लद्दाख तैयार हो रहा है.

ईद की तैयारियों को लेकर बाजारों में रौनक है. लोग बड़ी मात्रा में खरीद करने के लिए बाजारों में उतरे हैं. लद्दाख के लिए यह इसलिए भी खास है, क्योंकि यह उनकी आजादी की पहली ईद है. लेह का मशहूर इमामबाड़ा और ऐतिहासिक जामा मस्जिद भी ईद के जश्न के लिए तैयार है. इस इमामबाड़े में ईद के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.

इमामबाड़े में काम करने वाले मोहम्मद हमजा का कहना है कि हमारे लिए तो यह लद्दाख की पहली ईद है. हमें मिली आजादी के बाद की इस ईद पर जश्न भी बेहद खास होगा. हम ईद मनाएंगे और लद्दाख में अमन सुकून की दुआ करेंगे.

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लद्दाख में धूमधाम से मनाई जाएगी ईद

लद्दाख के रहने वाले अजहर अली का कहना है कि लद्दाख में भले ही जश्न है, लेकिन उन्हें घाटी में रहने वाले लोगों की भी चिंता है. इसलिए इस ईद पर जश्न के साथ-साथ वो घाटी में अमन के लिए भी दुआ करेंगे. अजहर और मोहम्मद हमजा को उम्मीद है कि इस ईद पर दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में अमन ही अमन होगा. बाजारों में ग्राहकों के उमड़ने से दुकानदार भी खुश हैं. जाहिर है कि इस बार उनकी ईद भी ज्यादा खुशहाल होगी.

सात दशक बाद लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा मिलने से रेहाना जैसे स्थानीय लोग भी बेहद खुश हैं. रेहाना कहती हैं कि इस बार ईद की खुशी ज्यादा होगी. वो कश्मीर से लेकर लद्दाख तक रहने वाले लोगों के लिए दुआ करेंगी. लेह में जहां ईद के जश्न की तैयारी है, वहीं लद्दाख के दूसरे जिले कारगिल में भी हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. करगिल की ज्वॉइंट एक्शन कमेटी ने हड़ताल और विरोध ईद तक टाल दिया है.

करगिल में तनाव के पीछे दिल्ली-श्रीनगर में बैठे कुछ लोगों का हाथ

करगिल में पिछले दो दिनों तक धारा 144 लगी हुई थी, जो हटा दी गई है, लेकिन इंटरनेट अब भी बंद है. लद्दाख के सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल का आरोप है कि करगिल में तनाव के पीछे दिल्ली और श्रीनगर में बैठे कुछ लोगों का हाथ है. आजादी के बाद पहली बार लद्दाख पहुंचे बीजेपी सांसद का जमकर स्वागत सत्कार हुआ. लद्दाख के प्रमुख बाजार में नामग्याल ढोल-नगाड़े बजाते भी दिखे.

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इस दौरान उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा कि इस बार की ईद लद्दाख के लिए खास है. डोडा से आए दो यचवक भी लद्दाख में इस बार ईद मनाएंगे. नईम का कहना है कि जम्मू समेत उनके जिले में भी 144 हटा ली गई है, जिससे हालात सामान्य होंगे. हालांकि अभी घर वालों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. उनकी चिंता बनी हुई है.

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